अपना शहर चुनें

States

समय बर्बाद कर अन्नदाता को तोड़ना चाहती है मोदी सरकार, कृषि कानूनों पर बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी
राहुल गांधी

Farm Laws: तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ हजारों किसान कई दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

  • Share this:

नई दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों के रेल रोको आंदोलन की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार को समय नष्ट करने के बजाय तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए. उन्होंने ट्वीट किया, ‘सीधी सी बात है- तीनों कृषि विरोधी क़ानून रद्द करो! समय नष्ट करके मोदी सरकार अन्नदाता को तोड़ना चाहती है, लेकिन ऐसा होगा नहीं. सरकार के हर अन्याय के ख़िलाफ़, अबकी बार किसान व देश तैयार!’


कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘यह आज़ाद भारत का सबसे बड़ा जन आंदोलन है. 85 दिन, 230 से अधिक किसानों की क़ुर्बानी हो गई. जब तक दिल्ली के अहंकारी राजा को तीन काले क़ानून ख़त्म करने को नहीं मना लेते तब तक किसान नहीं जाएंगे.’


उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे संगठनों के समूह संयुक्त किसान मोर्चा ने 18 फरवरी को चार घंटों के लिए 'रेल रोको' अभियान चलाया था, जिसके तहत किसानों ने दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक पूरे देश में रेल पटरियों पर जाम लगाया.




गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ पंजाब, हरियाणा और देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों किसान दो महीनों से अधिक समय से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.


क्या है मामला


कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीनों कृषि कानूनों को लागू किया था. सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी. वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज