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सरकार ने वापस लिया बचत पर ब्याज कम करने का फैसला, राहुल-प्रियंका बोले- सरकार फिर लेगी 'यूटर्न'

  राहुल गांधी, प्रियंका गांधी  (फ़ाइल फोटो)

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी (फ़ाइल फोटो)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Niramala Sitharaman) ने कहा कि सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने के फैसले को वापस लेगी और उन्होंने ब्याज दरों को 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के स्तर पर लाने का आश्वासन दिया.

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नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आशंका जाहिर की है कि चार राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद बचत पर फिर से ब्याज कम कर दिया जाएगा. बता दें छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को झटका देते हुए सरकार ने बुधवार को लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की कटौती की थी. यह कटौती एक अप्रैल से शुरू होकर 2021-22 की पहली तिमाही के लिए की गयी थी.

हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार सुबह ट्वीट किया, ‘भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर वही रहेगी जो 2020-2021 की अंतिम तिमाही में थी, यानी जो दरें मार्च 2021 तक थीं. पहले दिया गया आदेश वापस लिया जाएगा.’

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वित्त मंत्री के ट्वीट के बाद वायनाड सांसद ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. राहुल ने लिखा, 'पेट्रोल-डीज़ल पर तो पहले से ही लूट थी, चुनाव ख़त्म होते ही मध्यवर्ग की बचत पर फिर से ब्याज कम करके लूट की जाएगी. 'जुमलों की झूठ की ये सरकार जनता से लूट की!' इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ऐसी ही आशंका जतायी.


उन्होंने लिखा, 'कल रात में सरकार ने आमजनों की छोटी बचत वाली स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती कर दी थी. आज सुबह जब सरकारी जागी तो उसको पता चला कि अरे ये तो चुनाव का समय है. सुबह उठते ही सारा दोष "oversight" शब्द पर मढ़ते हुए सरकार ने ये फैसला वापस ले लिया. चुनाव है तो पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम भी नहीं बढ़ रहे हैं. एक बार चुनाव हो जाने दीजिए भाजपा अपना अनर्थशास्त्र फिर से लागू करेगी.'

केंद्र सरकार के फैसले में क्या था?
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पीपीएफ पर ब्याज 0.7 प्रतिशत कम कर 6.4 प्रतिशत जबकि एनएससी पर 0.9 प्रतिशत कम कर 5.9 प्रतिशत कर दिया गया थी. लघु बचत योजनाओं पर ब्याज तिमाही आधार पर अधिसूचित की जाती है.

ब्याज में सर्वाधिक 1.1 प्रतिशत की कटौती एक साल की मियादी जमा राशि पर की गयी थी. इस पर ब्याज 5.5 प्रतिशत से कम करके 4.4 प्रतिशत करने का फैसला किया गया था. छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है.

वित्त मंत्री के ऐलान के बाद क्या होगा?
पुरानी दरें बहाल होने के बाद पीपीएफ और एनएससी पर क्रमश: 7.1 प्रतिशत और 6.8 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज मिलता रहेगा. इस तरह सुकन्या समृद्धि योजना के लिए 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा, जबकि पहले इसे घटाकर 6.9 प्रतिशत करने की बात कही गई थी.

पांच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के लिए ब्याज दर 7.4 प्रतिशत पर बरकरार रखी जाएगी. वरिष्ठ नागरिकों की योजना पर ब्याज का भुगतान त्रैमासिक आधार पर किया जाता है. बचत जमा पर ब्याज दर चार प्रतिशत होगी, जबकि इसे घटाकर 3.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव था. (भाषा इनपुट के साथ)

 
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