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'परीक्षा पर चर्चा' पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज, बोले- 'खर्चा पर भी चर्चा' हो

राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘केंद्र सरकार की कर वसूली के कारण गाड़ी में पेट्रोल-डीजल भरवाना किसी इम्तिहान से कम नहीं है.'

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नई दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में गुरुवार को उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘खर्चा पर भी चर्चा’ होनी चाहिए. उन्होंने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर चर्चा क्यों नहीं करते?

राहुल गांधी ने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘केंद्र सरकार की कर वसूली के कारण गाड़ी में पेट्रोल-डीजल भरवाना किसी इम्तिहान से कम नहीं है. फिर प्रधानमंत्री इस पर चर्चा क्यों नहीं करते? खर्चा पर भी हो चर्चा!’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को ‘परीक्षा पर चर्चा’ के ताजा संस्करण में डिजिटल माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया. इसमें उन्होंने कहा कि परीक्षा छात्रों के जीवन में आखिरी मुकाम नहीं, बल्कि एक छोटा सा पड़ाव होता है, इसलिए अभिभावकों या शिक्षकों को बच्चों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए.



अभिभावक भी बच्चों पर दबाव न बनाएं: मोदी
इस दौरान मोदी ने कहा था कि परीक्षा छात्रों के जीवन में आखिरी मुकाम नहीं, बल्कि एक छोटा सा पड़ाव होता है. इसलिए अभिभावकों या शिक्षकों को बच्चों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण छात्रों ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण साल तो गंवा दिया लेकिन इस महामारी के कारण उन्हें बहुत कुछ सीख भी मिली.

उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और रिश्तेदारों को छात्रों पर अनावश्यक दबाव ना बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर बाहर का दबाव खत्म हो जाएगा तो छात्र परीक्षा का दबाव महसूस नहीं करेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि परीक्षा आखिरी मौका है बल्कि वह एक प्रकार से लंबी जिंदगी जीने के लिए अपने आपको कसने का उत्तम अवसर है. समस्या तब होती है जब हम परीक्षा को ही जीवन के सपनों का अंत मान लेते हैं और जीवन-मरण का प्रश्न बना लेते हैं.’

उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन को गढ़ने का एक अवसर है और परिजनों को अपनों बच्चों को तनाव मुक्त जीवन देना चाहिए. प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों के साथ समय बिताने का आग्रह किया और कहा कि तभी वह बच्चों के असली सामर्थ्य ओर उनकी रुचि का अंदाजा लगा पाएंगे. (भाषा इनपुट के साथ)
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