विदेशी वैक्सीन्स के लिए रास्ता खोलने पर राहुल गांधी का केंद्र पर तंज, बोले- पहले वो लड़ेंगे फिर आप जीत जाएंगे

 राहुल गांधी (फाइल फोटो)

राहुल गांधी (फाइल फोटो)

Coronavirus Vaccination: वर्तमान में दो टीकों - भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन और भारत के सीरम इंस्टीट्यूट (एसआईआई) द्वारा निर्मित कोविशील्ड- का उपयोग भारत में टीकाकरण के लिए किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 12:50 AM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र द्वारा विदेशी वैक्सीन्स को अनुमति देने के फैसले को लेकर एक बार फिर तंज कसा है. दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि दूसरे देशों के टीकों को भी मंजूरी दी जाए. इसके बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता विदेशी कंपनियों के लिए लॉबिंग कर रहे हैं.

विदेशी वैक्सीन्स को अनुमति देने की खबर की कतरन शेयर करते हुए वायनाड के सांसद ने ट्वीट किया, 'पहले वे आपको अनदेखा करेंगे, फिर वह आप पर हंसेंगे, फिर वह आप से लड़ेंगे, फिर आप जीत जाएंगे.' इसको लेकर राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट किया था, ‘एक सीधा-सा लैटर,उसमें जन की बात...विपक्ष के सुझाव अच्छे हैं! ’



कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘अयोग्य सरकार ने देर से सही, कुछ तो सीख ली. जब दो दिन पहले सभी टीकों को अनुमति देने के लिए राहुल गांधी ने कहा तो रवि शंकर प्रसाद बेतुकी बयानबाज़ी कर रहे थे. उम्मीद है अब रविशंकर प्रसाद विशेषज्ञ समिति के बारे में तो बग़ैर सिर पैर की बात करने से बाज़ आएंगे.’
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सरकार ने विदेश निर्मित कोविड-19 टीकों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया तेज की

भारत ने देश में कोविड-19 के मामले ‘सबसे अधिक’ बढ़ने के बीच कोरोना वायरस टीकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विदेश निर्मित टीकों को आपात इस्तेमाल मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसी संदर्भ में देश में तीसरे टीके के तौर पर रूसी टीके ‘स्पूतनिक वी’ को मंजूरी दे दी गई और इससे टीकाकरण अभियान तेज करने में मदद मिलेगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार विदेशी टीके के पात्र निर्माताओं को भारत में स्थानीय क्लीनिकल ​​परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी. मंत्रालय की इस घोषणा से कुछ शर्तों के साथ फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन शॉट्स के टीकों के आयात का मार्ग प्रशस्त हो सकता है.



मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि सरकार ने फैसला किया है कि कोविड-19 के ऐसे टीकों को भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी प्रदान की जा सकती है जो विदेश में विकसित और निर्मित हैं और जिन्हें अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन या जापान में नियामकों द्वारा सीमित इस्तेमाल के लिए आपात मंजूरी मिल चुकी है अथवा जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन आपात इस्तेमाल सूची में सूचीबद्ध किया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा कारणों से इस प्रकार के विदेश निर्मित टीकों के पहले 100 लाभार्थियों के स्वास्थ्य पर सात दिन नजर रखी जाएगी, जिसके बाद देश में टीकाकरण कार्यक्रम में इन टीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.



नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘हम आशा करते हैं और हम टीका निर्माताओं जैसे कि फाइजर, मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन और अन्य को आमंत्रित करते हैं...कि जल्द से जल्द भारत आने की तैयारी करें.’
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