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राहुल गांधी ने कसा तंज, संकट से बाहर आने के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र से ही 'विचार चुरा ले' सरकार

News18Hindi
Updated: October 18, 2019, 6:12 PM IST
राहुल गांधी ने कसा तंज, संकट से बाहर आने के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र से ही 'विचार चुरा ले' सरकार
राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर चिंता जाहिर करते हुए मोदी सरकार को ये सलाह दी. फोटो: पीटीआई

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को कांग्रेस के घोषणापत्र (Congress manifesto) से विचार चोरी करना चाहिए, जिसमें हमने अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के संकट से निपटने के लिए विस्तृत योजनाएं पेश की थीं.’

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  • Last Updated: October 18, 2019, 6:12 PM IST
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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Ganhdi) ने अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की स्थिति को लेकर शुक्रवार को नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सरकार पर निशाना साधा और तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala sitharaman) को अर्थव्यवस्था के संकट से निपटने के लिए उनकी पार्टी के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र से विचार ‘चोरी करना चाहिए.’

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘ग्रामीण भारत गंभीर संकट में है. अर्थव्यवस्था डूब गई है और सरकार इसको लेकर बेखबर है कि क्या करना है.’ राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को कांग्रेस के घोषणापत्र से विचार चोरी करना चाहिए, जिसमें हमने अर्थव्यवस्था के संकट से निपटने के लिए विस्तृत योजनाएं पेश की थीं.’

बता दें कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में गरीबों को हर महीने छह हजार रुपये देने का वादा किया था. उसका तर्क था कि उसके इस कदम से अर्थव्यवस्था में गति आ जाएगी. कांग्रेस की इस न्‍याय योजना के पीछे जाने माने अर्थशास्‍त्री अभिजीत बनर्जी थे. जिन्‍हें हाल में अर्थव्‍यवस्‍था का नोबेल सम्‍मान देने की घोषणा की गई है.

पीयूष गोयल ने अभिजीत बनर्जी पर साधा निशाना

हालांकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की न्‍याय योजना को विफल करार दिया. उन्‍होंने कहा, मैं अभिजीत बनर्जी को नोबेल के लिए बधाई देता हूं, लेकिन आप लोगों ने देखा होगा कि किस तरह से उन्‍होंने कांग्रेस की न्‍याय योजना को पेश किया था, लेकिन चुनाव में उनकी इस बात को देश की जनता ने नकार दिया. खुद अभिजीत बनर्जी ने नोबेल सम्‍मान की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत में कहा था कि भारत की अर्थव्‍यवस्‍था गहरे संकट में है और सरकार को इसे बाहर निकालने के लिए कुछ करना चाहिए.

मनमोहन सिंह ने भी जताई थी चिंता
महाराष्‍ट्र में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर चिंता जाहिर की थी. उन्‍होंने कहा कि अगर देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यस्‍था बनना है तो उसे हर साल 10 से 11 फीसदी की दर से आगे बढ़ना होगा. उधर आईएमएफ जैसी संस्‍था ने भारत की विकास दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.

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First published: October 18, 2019, 6:10 PM IST
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