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भारत बंद: श्रमिक संगठनों की हड़ताल से बंगाल में रेल सेवा प्रभावित, केरल में नहीं खुलीं दुकानें

भारत बंद: श्रमिक संगठनों की हड़ताल से बंगाल में रेल सेवा प्रभावित, केरल में नहीं खुलीं दुकानें

उड़ीसा में भी जारी हैं प्रदर्शन. (फोटो: Twitter/ANI)

उड़ीसा में भी जारी हैं प्रदर्शन. (फोटो: Twitter/ANI)

Bharat Band: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय मजदूर संघ ने हड़ताल को राजनीति प्रेरित बताते हुए इससे अलग रहने की घोषणा की है. यह हड़ताल केंद्र सरकार की कई नीतियों समेत विशेष तौर पर नए किसान और श्रम कानूनों के विरोध में आहुत की गई है.

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    नई दिल्ली. विभिन्न केंद्रीय श्रमिक संगठनों (Trade Unions) की गुरुवार को एक दिवसीय हड़ताल की वजह से कई राज्यों में सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं. श्रमिक संगठनों के एक प्रतिनिधि ने कहा कि अभी तक तमिलनाडु और केरल सबसे अधिक प्रभावित हैं. श्रमिक संगठनों के दावे के अनुसार देश भर में विभिन्न क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक श्रमिक व कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे. यह हड़ताल केंद्र सरकार की कई नीतियों समेत विशेष तौर पर नए किसान और श्रम कानूनों (Labor Law) के विरोध के लिए आहुत की गई है.

    एक दिन की इस हड़ताल का असर पश्चिम बंगाल में खासा नजर आ रहा है. यहां लेफ्ट ट्रे़ड यूनियन के सदस्यों ने नॉर्थ 24 परगना जिले में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया है. इसके अलावा जाधवपुर रेलवे ट्रैक को भी बधित किया गया है. इसके अलावा राज्य की राजधानी कोलकाता में भी प्रदर्शन जोर पकड़ रहा है. वहीं, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि सरकारी कर्मचारी को दफ्तर आना जरूरी है.

    पश्चिम बंगाल (फोटो: Twitter/ANI)


    इसके अलावा ओडिशा में भी निर्मना श्रमिक महासंघ, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन और ऑल ओडिशा पेट्रोल और डीजल पंप वर्कर्स यूनियन ने जमकर प्रदर्शन किया. इसके अलावा केरल में इस हड़ताल की वजह से बस सेवा खासी प्रभावित हुई है. वहीं, कोच्चि में भी दुकानें बंद हैं. यहां राज्य सरकार भी इस बंद का समर्थन कर रही है. दुकानों और व्यापारों के अलावा सभी सरकारी दफ्तरों पर ताला लगा है.

    केरल (फोटो: Twitter/ANI)


    इस हड़ताल में बैंक यूनियन के शामिल होने से देश भर में बैंक सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंकाएं हैं. माना जा रहा है कि हड़ताल में 4 लाख से ज्यादा बैंक कर्मी शामिल हो सकते हैं. वहीं, कई बैंकों ने पहले ही ग्राहकों को पैसों के लेनदेन के लिए डिजिटल माध्यमों की मदद लेने की सलाह दी है.

    हड़ताल में भाग लेने वाले 10 केंद्रीय श्रमिक संगठन इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर ऑफ इंडिया ट्रेड यूनियंस (सीटू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), सेल्फ-एंप्यॉलयड वीमेंस एसोसिएशंस (सेवा), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और युनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) हैं.

    एआईटीयूसी के महासचिव अमरजीत कौर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘हड़ताल शुरू हो गई है. केरल और तमिलनाडु पूरी तरह बंद हैं. ऐसी ही स्थितियां ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना और गोवा में बन रही हैं. महाराष्ट्र में भी हड़ताल को अच्छा समर्थन मिल रहा है.’

    उन्होंने कहा कि बैंकों, एलआईसी, जीआईसी और आयकर विभाग में भी सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने हड़ताल को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इससे अलग रहने की घोषणा की है.

    किसान संगठनों के संयुक्त मंच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने भी इस आम हड़ताल को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. समिति के सदस्य ग्रामीण इलाकों में लोगों के बीच हड़ताल के समर्थन का आह्वान करेंगे.

    घरेलू सहायक, निर्माण श्रमिक, बीड़ी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वालों, कृषि मजदूर, ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वरोजगार करने वालों ने भी ‘चक्का जाम’ में शामिल होने की घोषणा की है. कई राज्यों में ऑटोरिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों ने भी हड़ताल में शामिल होने के लिए कहा है. रेलवे और रक्षा कर्मचारियों के संघों ने भी हड़ताल को अपना समर्थन जताया है. (इनपुट: भाषा)undefined

    Tags: Bharat Band, Labour Law, Trade Unions Protest

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