रेलवे के 4 हजार कोविड कोच को डिमांड का इंतजार, पिछले साल भी ऐसा ही था हाल

 रेलवे के कोविड कोच की कोई मांग नहीं. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

रेलवे के कोविड कोच की कोई मांग नहीं. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Railway Covid Coaches: कोविड कोच के लिए रेलवे ने अपने स्लीपर और कुछ जनरल कोच को मॉडिफाई किया था, इसमें ऑक्सीजन सिलिंडर और बाकी जरूरी उपकरण भी रखे गए थे. लेकिन मेटल बॉडी के कोच के अंदर भारी गर्मी में पेशेंट को रखना संभवतः और ज़्यादा मुश्किल खड़ी कर सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 10:49 PM IST
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नई दिल्‍ली. देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भी कहीं कोविड कोच की मांग नहीं हो रही है. कई शहरों में हॉस्पिटल के बेड तक भर चुके हैं लेकिन पेशेंट के लिए कोविड कोच के लिए किसी शहर या राज्य ने मांग नहीं की है. रेलवे ने पिछले साल ही 4000 नॉन एसी कोच को कोविड कोच में तब्दील किया था ताकि आपातकालीन हालात में इन कोच में कोरोना के मरीज को आईसोलेट कर इलाज किया जा सके. रेलवे सूत्रों के मुताबिक अभी तक केवल पश्चिम रेलवे के यवतमाल में कोविड कोच की मांग की गई है.

कोविड कोच के लिए रेलवे ने अपने स्लीपर और कुछ जनरल कोच को मॉडिफाई किया था, इसमें ऑक्सीजन सिलिंडर और बाकी जरूरी उपकरण भी रखे गए थे. लेकिन मेटल बॉडी के कोच के अंदर भारी गर्मी में पेशेंट को रखना संभवतः और ज़्यादा मुश्किल खड़ी कर सकता है. इसलिए कोरोना के मौजूदा लहर में इसकी मांग नहीं आयी है.

पिछले साल भी केवल 200 कोच का हुआ था इस्‍तेमाल

हालांकि पिछले साल भी मुश्किल से ही कुछ दिनों के लिए 200 कोच का इस्तेमाल हो पाया था. रेलवे के इन कोच में कुछ को पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के मऊ, बिहार के भागलपुर, दिल्ली के शकूरबस्ती और आनंद बिहार जैसे स्टेशनों पर तैनात किया था.
साथ ही कुछ जगहों पर इनका इस्तेमाल भी हुआ था. लेकिन उस समय भी बड़े पैमाने पर कोविड कोच का इस्तेमाल नहीं किया गया. सूत्रों के मुताबिक रेलवे ने क़रीब 4000 कोविड कोच तैयार करने में 1000 करोड़ का खर्च भी किया है लेकिन इस समय इसकी मांग कहीं से नहीं आयी है. रेलवे ने इन कोचेस को देशभर के सभी 16 ज़ोन के अलग-अलग शहरों में तैनात कर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर इनका फौरन इस्तेमाल किया जा सके.
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