कोरोना वायरस: मरीजों के लिए 20,000 कोच को आइसोलेशन वॉर्ड में बदल सकता है रेलवे

कोरोना वायरस: मरीजों के लिए 20,000 कोच को आइसोलेशन वॉर्ड में बदल सकता है रेलवे
शुरूआत में पांच हजार डिब्बों को पृथक कोच बनाया जाएगा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के मुताबिक देश में सोमवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों की संख्या 1,251 हो गयी जबकि 32 लोगों की मौत हो चुकी है.

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नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने अपनी जोनल इकाइयों से कहा है कि उन्हें कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीजों के उपचार के लिए ट्रेनों के 20,000 डिब्बों को पृथक वॉर्ड में तब्दील करने की जरूरत पड़ सकती है. बोर्ड ने सोमवार को जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को एक पत्र में कहा है कि शुरूआत में 5,000 कोच को पृथक वॉर्ड में तब्दील किया जाएगा.

बोर्ड ने कहा कि निर्णय के पहले रेलवे ने सैन्य बल चिकित्सा सेवा, विभिन्न जोनल रेलवे के चिकित्सा विभागों और आयुष्मान भारत के साथ विचार-विमर्श किया है. बोर्ड ने कहा है कि पांच जोनल रेलवे कोच सह पृथक वॉर्ड के लिए प्रारूप पहले ही तैयार हो चुके हैं.

शुरुआत में 5 हजार डिब्बों के बनेंगे आइसोलेशन वॉर्ड
30 मार्च को लिखे पत्र में कहा गया, ‘‘कोविड-19 से लड़ने की तैयारियों के तहत 25 मार्च को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में सलाह दी गयी थी कि चिकित्सा विभाग के साथ परामर्श करते हुए कुछ डिब्बों को पृथक कोच में तब्दील किया जा सकता है ताकि पृथक सुविधाओं को मजबूत किया जा सके. इस सिलसिले में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं, अनेक जोन रेलवे के चिकित्सा विभाग और आयुष्मान भारत से बातचीत की गयी.’’



इसमें कहा गया, ‘‘भारतीय रेलवे को ऐसे बीस हजार डिब्बों को बदलने की जरूरत पड़ सकती है जिनमें शुरूआत में पांच हजार डिब्बों को पृथक कोच बनाया जाएगा.’’



केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में सोमवार को कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 1,251 हो गयी जबकि 32 लोगों की मौत हो चुकी है.

पश्चिम रेलवे को 180 करोड़ का नुकसान
उधर कोरोना वायरस महामारी के कारण देशव्यापी बंद की वजह से रेल टिकटों के रद्द होने से पश्चिमी रेलवे को 180 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. रेलवे ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 78.50 करोड़ रुपये का नुकसान 22 मार्च से पहले हुआ और 23 मार्च से 29 मार्च के बीच 100.03 करोड़ रुपये का कुल नुकसान हुआ.

रेलवे कहा, ‘’पश्चिमी रेलवे को उपनगरीय और गैर-उपनगीय ट्रेनों के संचालन बंद होने से 29 मार्च तक 178.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. मुंबई खंड में 29 मार्च तक नौ लाख यात्रियों ने अपनी ट्रेनें रद्द की और पश्चिमी रेलवे ने 62.11 करोड़ रुपये वापस किए.’’ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशव्यापी बंद है और इस दौरान ट्रेन सेवा भी बंद है.

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