अशोक गहलोत vs सचिन पायलट: सुप्रीम कोर्ट ने नहीं मानी राजस्थान विधानसभा स्पीकर की मांग, पढ़ें 10 बड़ी बातें

अशोक गहलोत vs सचिन पायलट:  सुप्रीम कोर्ट ने नहीं मानी राजस्थान विधानसभा स्पीकर की मांग, पढ़ें 10 बड़ी बातें

कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष और डिप्टी सीएम के पद से हटाए गए सचिन पायलट समेत 19 कांग्रेस विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई 24 जुलाई तक रोकने के हाईकोर्ट (Rajasthan Highcourt) के फैसले को चुनौती देने वाली विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार को सुनवाई हुई. यहां पढ़ें Rajasthan Political Crisis पर आज Supreme Court में हुई सुनवाई से जुड़ी 10 खास बातें

  • Share this:
नई दिल्ली/जयपुर. राजस्थान में राजनीतिक कलह (Rajasthan Political Crisis) के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. सुबह 11 बजे के करीब अदालत की कार्यवाही शुरू हुई और दोपहर करीब 12.30 बजे तक चली हियरिंग के बाद मामले में अगली सुनवाई सोमवार यानी 27 जुलाई को होगी. अदालत ने कहा कि राजस्थान के स्पीकर सीपी जोशी (Dr. CP Joshi) द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण सवालों पर फैसला देगी उससे पहले स्पीकर विधायकों पर फैसला नहीं कर सकते. हालांकि राजस्थान हाईकोर्ट शुक्रवार को अपना फैसला दे सकता है.

बता दें राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) समेत कांग्रेस के 19 बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई 24 जुलाई तक टालने के हाईकोर्ट के निर्देश के खिलाफ बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी. जोशी ने अपनी याचिका में कहा था कि न्यायपालिका से कभी भी यह अपेक्षा नहीं की गयी थी कि वह ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करेगी, जिससे संवैधानिक गतिरोध पैदा हो. बता दें संविधान के आर्टिकल 136 के तहत सुप्रीम कोर्ट अपने विवेक से, किसी निर्णय या डिक्री या आदेश के खिलाफ अपील करने की विशेष छूट दे सकता है. एसएलपी को विशेष अनुमति याचिका भी कहते हैं.

यहां पढ़ें Rajasthan Political Crisis पर आज Supreme Court  में हुई सुनवाई से जुड़ी 10 खास बातें

जस्टिस अरुण मिश्रा की सुप्रीम कोर्ट बेंच ने राजस्थान के स्पीकर सीपी जोशी के राजस्थान हाईकोर्ट की कार्यवाही को रोकने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया.
वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने स्पीकर के राजनीतिक ओवरटोन पर सवाल उठाया और पूछा, अगर अध्यक्ष खुद से दो बार असहमत हो सकते हैं तो वह 24 घंटे तक इंतजार क्यों नहीं कर सकते? राजस्थान HC के समक्ष सिब्बल के आगे की कार्यवाही पर रोक के अनुरोध पर, शीर्ष अदालत का कहना है कि ये लोकतंत्र से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न हैं और बहुत गंभीर मुद्दे हैं. SC इसे सुनना चाहता है और कल मामले पर सुनवाई जारी रखेगा.
सिब्बल ने कहा कि अभी तक स्पीकर ने कुछ तय नही किया है लिहाजा वो याचिका हाई कोर्ट में दाखिल नही कर सकते थे. उन्होंने (विधायक) अपने मोबाइल भी बंद कर रखे थे. इनको ईमेल से से भी नोटिस भेजे गए. विधायक हेमाराम चौधरी और बनवारी लाल शर्मा और अन्य विधायक नोटिस का जवाब देने की बजाय न्यूज चैनलों को बयान जारी करते रहे.
सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल से पूछा कि पार्टी के भीतर लोकतंत्र पर आपके क्या विचार हैं? जवाब में, सिब्बल ने कहा कि यह विधायकों को समझाने के लिए है. उन्हें वापस आकर कहना चाहिए कि वे छुट्टी पर थे. वे अभिव्यक्ति की आजादी आदि का इस्तेमाल कर रहे थे. शीर्ष अदालत ने पूछा कि क्या पार्टी की बैठक में भाग लेने के लिए व्हिप जारी किया जा सकता है. सिब्बल ने कहा कि स्पीकर सीपी जोशी ने बैठक के लिए एक व्हिप जारी किया है और कहा कि यह केवल नोटिस है, व्हिप नहीं.सिब्बल ने स्पष्ट किया कि यह नोटिस उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के संबंध में है.
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय को कल बागी विधायकों की याचिका पर अपना फैसला सुनाने की अनुमति दी है लेकिन निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के परिणाम के अधीन होगा. अध्यक्ष सीपी जोशी विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला तब तक नहीं कर सकते जब तक शीर्ष अदालत अपना फैसला नहीं सुनाती.
सुप्रीम कोर्ट  ने कहा कि शीर्ष अदालत यह जानने की कोशिश कर रही है कि विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई स्वीकृति योग्य है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की याचिका पर कहा विरोध की आवाज को लोकतंत्र में दबाया नहीं जा सकता.
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष से सचिन पायलट और कांग्रेस के 18 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता कार्रवाई शुरू करने की वजह पूछी. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की याचिका पर कहा कि यह कोई साधारण मामला नहीं है, ये विधायक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं.
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- अध्यक्ष से एक तय समय सीमा के भीतर अयोग्यता पर फैसला लेने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता .
सी.पी. जोशी का प्रतिनिधित्व कर रहे सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि अदालत अध्यक्ष की अयोग्यता की कार्रवाई की प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती.
राजस्थान विधानसभाध्यक्ष सी.पी. जोशी का प्रतिनिधित्व कर रहे कपिल सिब्ब्ल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट अध्यक्ष को विधायकों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया को रोकने का निर्देश नहीं दे सकता.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज