Rajasthan Crisis: स्पीकर की नोटिस पर हाईकोर्ट पहुंचा पायलट खेमा, पढ़ें दिन भर की पूरी अपडेट

Rajasthan Crisis: स्पीकर की नोटिस पर हाईकोर्ट पहुंचा पायलट खेमा, पढ़ें दिन भर की पूरी अपडेट
पायलट खेमे की संशोधित याचिका पर कल दोपहर एक बजे सुनवाई होगी

Rajasthan Crisis: राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan Highcourt) मामले पर कल दोपहर 1:00 बजे को सुनवाई करेगा और फैसला करेगा. लेकिन स्पीकर की ओर से जारी नोटिस में विधायकों को जवाब देने का समय भी कल दोपहर 1:00 बजे का ही है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बीच में चल रही सियासत गुरुवार को हाईकोर्ट (Highcourt) पहुंच गई. दोपहर 1:30 पर सचिन पायलट समेत 19 विधायकों की ओर से एक याचिका कोर्ट में दायर की गई. राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan Highcourt) में दायर इस याचिका में उस नोटिस को चुनौती दी गई जो राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) के अध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi) ने जारी किया था और विधायकों से शुक्रवार 1:00 बजे तक जवाब मांगा था. यह नोटिस अनुशासन तोड़ने का दल बदल कानून के अंतर्गत जारी किया गया था. दोपहर तकरीबन 3:00 बजे सुनवाई हुई लेकिन इस बीच में सचिन पायलट के वकीलों ने इस याचिका में संशोधन की मांग की और याचिका वापस ली.

इसके बाद शाम 5:00 बजे सचिन पायलट के वकीलों ने संशोधित याचिका पेश की जिस पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया. सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद मामला डिविजन बेंच को रेफर कर दिया. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डिविजन बेंच का गठन किया और शाम 7:40 पर सुनवाई का फैसला किया. लेकिन तय वक्त पर सुनवाई नहीं हो पाई और शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे तक के लिए टाल दी गई. सचिन पायलट की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि स्पीकर सीपी जोशी को नोटिस देने का अधिकार नहीं है.

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नोटिस में लगाया गया है ये आरोप
विधायकों को क्योंकि विधायकों ने किसी भी विधानसभा की नियम प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं किया जिस मामले में नोटिस दिया गया वह विधायक दल की बैठक विधानसभा से बाहर हुई थी और वह कांग्रेस पार्टी (Congress Party) का आंतरिक मामला था यह स्पीकर का पार्टी के आंतरिक मामलों में दखल है. यही नहीं नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया कि स्पीकर सीपी जोशी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दबाव में उन्हें यह नोटिस दिए.

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याचिका में नोटिस के उस पैरा पर सवाल उठाया गया जिसमें कहा गया कि विधायकों को दो बार कांग्रेस पार्टी की ओर से सूचना के बावजूद व्हिप का उल्लंघन किया और बैठक में नहीं आए. इससे प्रतीत होता है कि वह वह कांग्रेस में नहीं रहना चाहते. पायलट की ओर से दायर याचिका में इस पर सवाल उठाया कि बैठक में नहीं आना पार्टी छोड़ना कैसे माना जा सकता है. ऐसे ही कई सारे सवाल इस याचिका में उठाए गए और इस नोटिस पर स्टे देने की मांग की गई.

स्पीकर की ओर से जारी नोटिस की भी कल 1 बजे सुनवाई
हाईकोर्ट इस पर कल दोपहर 1:00 बजे को सुनवाई करेगा और फैसला करेगा. लेकिन स्पीकर की ओर से जारी नोटिस में विधायकों को जवाब देने का समय भी कल दोपहर 1:00 बजे का ही है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या स्पीकर सीपी जोशी कल दोपहर विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई करते हैं या फिर 1:00 बजे कोर्ट स्पीकर को कोर्ट के फैसले तक कोई भी कार्यवाही से रोकते हैं. स्पीकर की ओर से कोर्ट में वकीलों ने दलील दी की स्पीकर को विधानसभा से बाहर भी मुख्य सचेतक की किसी शिकायत पर कार्यवाही का अधिकार है. इस बीच राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक ने भी 1 केवी तहसील की और कहा की इस याचिका में उन्हें भी नोटिस दिया जाए क्योंकि वह भी एक पार्टी है.
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