राजस्थान संकट: क्रैश लैंडिंग को तैयार नहीं पायलट, 10 पॉइंट्स में जानें कल क्या-क्या हुआ?

राजस्थान संकट: क्रैश लैंडिंग को तैयार नहीं पायलट, 10 पॉइंट्स में जानें कल क्या-क्या हुआ?
अशोक गहलोत ने आज एक बार फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें सचिन पायलट को भी आने के लिए कहा गया है. (PTI)

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस को राजस्थान में विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में सचिन पायलट (Sachin Pilot) की बड़ी भूमिका रही है. लेकिन मुख्यमंत्री का ताज पहनने की बारी आई तो अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का पलड़ा भारी पड़ गया. इससे सचिन पायलट नाराज हो गए. अब एक बार फिर दोनों आमने-सामने हैं.

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जयपुर/नई दिल्ली. राजस्थान में सियासी ड्रामा हर दिन दिलचस्प होता जा रहा है. सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) अब नंबर गेम पर फोकस कर रहे हैं. सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में अशोक गहलोत ने 107 विधायकों के पहुंचने का दावा किया. वहीं, पायलट खेमे का दावा है कि उनके 18 विधायक इस बैठक में नहीं पहुंचे. 107 के मुकाबले 18 की संख्या कम है, लेकिन गहलोत का गेम बिगाड़ देने के लिए काफी है. सचिन पायलट क्रैश लैंडिंग से बचना चाहते हैं, लिहाजा उन्होंने आगे का रुख साफ नहीं किया है.

वहीं, किसी भी झटके से निपटने के लिए अशोक गहलोत ने आज एक बार फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें सचिन पायलट को भी आने के लिए कहा गया है. हालांकि, पायलट ने साफ कर दिया है कि वह मीटिंग में नहीं जाएंगे. इस बीच अब तक वेट एंड वॉच की पॉलिसी पर चल रही बीजेपी ने भी फ्लोर टेस्ट की मांग कर दी है.

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सोमवार सुबह कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई. इसमें पायलट नहीं पहुंचे. बैठक में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर कोई पार्टी पदाधिकारी या विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए.
दोपहर बाद फिर से कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई. इसमें कांग्रेस के अलावा निर्दलीय, माकपा के 1, बीटीपी के 2 और आरएलडी के 1 विधायक शामिल हुए. इसके बाद सभी विधायकों को दिल्ली रोड पर एक होटल में ले जाया गया.
सोमवार को दिनभर सचिन पायलट के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगती रहीं. इस बीच पायलट ने खुद साफ किया कि वो बीजेपी में नहीं जाएंगे. सूत्रों का कहना है कि पायलट कांग्रेस प्रगतिशील के नाम से अलग पार्टी बनाने पर विचार कर रहे हैं. कांग्रेस आलाकमान के निर्णय के बाद ही आगे का कदम उठाएंगे.
पायलट के करीबों सूत्रों ने गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के पास बहुमत होने के दावे को भी खारिज किया. उन्होंने कहा कि बहुमत मुख्यमंत्री आवास में नहीं, बल्कि विधानसभा में होता है.
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को मनाने की कोशिशें दिनभर होती रही. पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनके संपर्क में हैं. खबर है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पायलट से बात की है. इसके साथ ही अहमद पटेल, पी चिदंबरम और केसी वेणुगोपाल ने भी उनसे संपर्क किया है.
इस बीच सचिन पायलट की ओर से सोमवार रात विधायकों का एक वीडियो जारी किया गया. 10 सेंकेंड के इस वीडियो को पायलट के प्रवक्ता ने अधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप में जारी किया, जिसमें लगभग 16 विधायक एक घेरे में बैठे हुए हैं. इसके अलावा छह अन्य लोग भी वीडियो में मौजूद है, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी.
इसके बाद कांग्रेस पार्टी आलाकमान ने सचिन पायलट को मैसेज भेजा है कि हमारा आप पर स्नेह है. हम आपका सम्मान करते हैं. हम खुले दिल से आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं. प्लीज लौट आएं और बात करें.
राजस्थान में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को कहा कि मौजूदा अशोक गहलोत सरकार का चले जाना ही राज्य की जनता के हित में है. इसके साथ ही पार्टी ने गहलोत सरकार पर अपने वादों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया.
आज सचिन पायलट का संदेश लेकर अब एक नेता जयपुर जाएंगे. सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट ने वित्त और गृह मंत्रालय मांगा है, साथ ही अपने लिए प्रदेश अध्यक्ष का पद मांगा है.
हालात पर नियंत्रण पाने के लिए आलाकमान की तरफ से जयपुर भेजे गए तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि मंगलवार सुबह 10 बजे फिर से विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. सचिन और उनके समर्थकों को बुलावा भेजा गया है. उम्मीद है वो इसबार जरूर आएंगे.
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