राजीव गांधी हत्‍याकांड: एजी पेरारीवनल को अाजीवन काटनी होगी जेल: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पेरारीवलन को आजीवन सलाखों के पीछे रहना होगा. एजी पेरारीवलन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी.

News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 2:59 PM IST
राजीव गांधी हत्‍याकांड: एजी पेरारीवनल को अाजीवन काटनी होगी जेल: सुप्रीम कोर्ट
file photo
News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 2:59 PM IST
राजीव गांधी हत्‍याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हत्‍या के दोषी एजी पेरारीवलन की याचिका को खारिज कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि पेरारीवलन को आजीवन सलाखों के पीछे रहना होगा. एजी पेरारीवलन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब कहा है कि मामले को 20 साल के बाद दोबारा नहीं खोला जा सकता. इस मामले को खोलने के लिए कोई आधार भी नहीं है.

कल ही राजीव गांधी हत्‍याकांड मामले को दोबारा खोले जाने से केंद्र सरकार ने इनकार कर दिया था. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते वक्‍त कहा था कि केंद्र इस आपराधिक मामले को दोबारा खोले जाने के खिलाफ है. सभी दोषियों को पिछले 24 सालों में चली कार्रवाई के दौरान कानून के अनुसार सजा दी गई है. एजी पेरारीवलन को अपनी उम्रकैद की सजा भोगनी चाहिए.

केंद्र ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर सवाल उठाकर इस मामले को खोलने का कोई तुक नहीं बनता जिसमें दोषियों को राजीव गांधी हत्‍याकांड के लिए दोषी ठहराया गया था और सजा दी गई थी. पेरारीवलन एक सक्रिय षड़यंत्रकारी था.

बता दें कि तमिलनाडू सरकार ने मई 2016 में राजीव गांधी हत्‍याकांड में सातों अभियुक्‍तों को माफी देने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिशी पत्र लिखा था. साथ ही सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी. इसके बावत कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से सातों दोषियों को छोड़ने पर जवाब मांगा था. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि 6 हफ्तों के भीतर केंद्र सरकार सातों अभियुक्‍तों को माफी देने पर फैसला करे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोदी सरकार तमिलनाडू सरकार के पत्र का जवाब जल्‍द से जल्‍द जवाब दे.

राजीव गांधी हत्‍याकांड के दोषियों में संथन, मुरुगन ,पेरारीवलन और उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन, रॉबर्ट पायस, रविचंद्रन और जयकुमार शामिल हैं. गौरतलब है कि 21 मई, 1991 को रात 10. 21 बजे श्रीपेरंबदूर में हुए धमाके में राजीव गांधी की मौत हुई थी.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर