राजीव हत्याकांड की दोषी नलिनी की समय पूर्व रिहा करने की याचिका खारिज

News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 4:10 PM IST
राजीव हत्याकांड की दोषी नलिनी की समय पूर्व रिहा करने की याचिका खारिज
नलिनी की समय पूर्व रिहा करने की याचिका खारिज

मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) ने गुरुवार को राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) हत्याकांड की दोषी नलिनी श्रीहरन (Nalini Sriharan) की याचिका खारिज कर दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2019, 4:10 PM IST
  • Share this:
मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) ने गुरुवार को राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) हत्याकांड की दोषी नलिनी श्रीहरन (Nalini Sriharan) की याचिका खारिज कर दी.  याचिका में नलिनी ने मामले के दोषी और आजीवन कारावास (life imprisonment) की सजा भुगत रहे सभी सात लोगों को समयपूर्व रिहा करने की सिफारिश पर फैसला करने लिए राज्यपाल पर जोर डालने के मकसद से सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया था.

सभी सातों दोषियों को रिहा करने की मांग को मद्रास उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया.

न्यायमूर्ति आर. सुब्बैया और न्यायमूर्ति सी. सरवणन की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए फैसले में कहा कि पहले ही मंत्रिपरिषद नलिनी और अन्य छह को समयपूर्व रिहा करने की अनुशंसा राज्यपाल से कर चुकी है. ऐसे में उसकी याचिका पर विचार करके उन्हें निर्देश देने की जरूरत नहीं.

नलिनी ने 9 सितंबर 2018 को पारित तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव के आधार पर याचिका दायर की थी. प्रस्ताव में मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से नलिनी, उसके पति श्रीहरन उर्फ मुर्गन, पेरारीवलन, रॉबर्ट पयास, जयकुमार, रविचंद्रन और संथन को रिहा करने की अनुशंसा की थी. ये सभी इस मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं.

इससे पहले 22 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्याकांड में दोषी नलिनी की पेरोल अवधि को मद्रास हाई कोर्ट ने तीन सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया था. नलिनी को वेल्लोर स्थित केंद्रीय जेल से पिछले महीने के अंत में एक महीने की पेरोल पर रिहा कर दिया गया था. नलिनी ने अपनी बेटी की शादी में इंतजाम करने के लिए अदालत से पेरोल की मांग की थी.

गौरतलब है कि एलटीटीई के आत्मघाती हमलावर ने 21 मई 1991 को श्रीपेरम्बदुर में आयोजित चुनावी रैली में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी थी.

ये भी पढ़ें : IPS की रिपोर्ट, कैसे अपराधियों तक पहुंच रहे हैं कारतूस!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 29, 2019, 4:10 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...