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भारत और अमेरिका के बीच बढ़ेगी सैन्य भागीदारी, राजनाथ सिंह और ऑस्टिन ने कई समझौतों पर किए दस्तखत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन III

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन III

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन ने शनिवार को द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों के और अधिक विस्तार और आतंकवाद की चुनौतियों पर व्यापक वार्ता की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 2:44 PM IST
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नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और उनके अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन (Lloyd J Austin III ) ने शनिवार को द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों के और विस्तार, भारत-प्रशांत क्षेत्र में स्थिति विकसित करने और आतंकवाद की चुनौतियों पर व्यापक वार्ता की. ऑस्टिन के तीन-राष्ट्रों के पहले विदेशी दौरे में भारत तीसरा देश है. अमेरिकी रक्षा मंत्री इस यात्रा को क्षेत्र में अपने करीबी सहयोगियों के साथ संबंधों के लिए बाइडन प्रशासन की प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है. वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री  सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जेम्स ऑस्टिन III ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी किया.

इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने  सिंह के साथ बातचीत के बाद कहा कि सिंह और मैंने बहुत ‘सार्थक चर्चा’ की. वहीं उदार एफडीआई नीतियों का फायदा उठाने के लिए भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने कहा कि सेनाओं के बीच आपसी भागीदारी, सूचना साझा करने और साजोसामान संबंधी सहयोग समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत की गई. अमेरिका में जो बाइडन के राष्ट्रपति बनाये जाने के बाद यह अमेरिकी रक्षा मंत्री की पहली भारत यात्रा है.

उदार एफडीआई नीतियों का फायदा उठाने के लिए अमेरिका आमंत्रित
संयुक्त बयान में भारतीय रक्षामंत्री ने कहा कि हम भारत-अमेरिका संबंध को 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारियों में से एक बनाने की उम्मीद करते हैं. सिंह ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ मजबूत रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
सिंह ने कहा कि मैं अमेरिका के रक्षा उद्योग को भारत के रक्षा क्षेत्र में उदार एफडीआई नीतियों का फायदा उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं. सिंह ने कहा कि अमेरिका के साथ एलईएमओए, सीओएमसीएएसए और बीईसीए जैसे द्विपक्षीय रक्षा समझौतों को लागू करने के कदमों पर केंद्रित बातचीत की गई.



रक्षामंत्री ने बताया कि भारतीय सेना और अमेरिका की हिंद-प्रशांत कमान, मध्य कमान और अफ्रीका कमान के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि हमने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि हम भारत-अमेरिका वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध हैं.

भारत बहुत महत्वपूर्ण साझेदार-  ऑस्टिन
इस बीच, ऑस्टिन ने अपने बयान में भारत के साथ समग्र एवं प्रगतिशील रक्षा साझेदारी को लेकर प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की और भारत को क्षेत्र के लिए अमेरिकी रुख का ‘मुख्य स्तम्भ’ बताया. उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों को मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र का ‘मजबूत केंद्र’ करार दिया.

ऑस्टिन ने कहा, ‘मेरे और सिंह के बीच काफी सार्थक वार्ता हुई... मैं हमारे सहयोगियों एवं साझेदारों के प्रति हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को लेकर बाइडन-हैरिस प्रशासन का संदेश पहुंचाना चाहता था.’ उन्होंने कहा, ‘भारत आज तेजी से बदल रहे अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदार है.’
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