लाइव टीवी

भारत को पहला राफेल मिलने के बाद राजनाथ सिंह बोले- बढ़ेगी भारत की शक्ति

भाषा
Updated: October 8, 2019, 9:50 PM IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने फ्रांस (France) के मेरिनियाक में राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Aircraft) को रिसीव किया. रक्षा मंत्री ने राफेल प्राप्त करने के बाद उसकी पूजा की और उड़ान भरी.

  • Share this:
मेरिनियाक. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने फ्रांस (France) से खरीदे गये 36 राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Aircraft) की श्रृंखला में प्रथम विमान यहां मंगलवार को औपचारिक रूप से प्राप्त किया.

फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम स्थित मेरिनियाक में राफेल लड़ाकू विमान सौंपे जाने के लिये आयोजित समारोह में सिंह अपनी फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ले के साथ शरीक हुए. इस समारोह का आयोजन राफेल विमान निर्माता दसॉ एविएशन (Dassault Aviation) के प्रतिष्ठान में हुआ.

राफेल पर लगाया ओम तिलक
राजनाथ सिंह ने राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरने से ठीक पहले नये विमान पर शस्त्र पूजन किया और उस पर ‘ओम’ तिलक लगाया तथा पुष्प एवं एक नारियल चढ़ाया. उनके साथ भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी थे.

राजनाथ सिंह ने उपस्थित लोगों से कहा, ‘‘हमारी वायुसेना दुनिया में चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है और मेरा मानना है कि राफेल मीडिमय मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हमारी वायुसेना की शक्ति में वृद्धि लाएगा तथा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये वायु क्षेत्र में भारत की शक्ति को बढ़ाएगा.’’



उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि फ्रेंच ‘शब्द राफेल’ का अर्थ ‘आंधी’ है. मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि विमान अपने नाम को सार्थक करेगा.’’
Loading...

रक्षा मंत्री के समक्ष ‘आरबी001’ राफेल का अनावरण भी किया गया. इस पर भारत का तिरंगा ध्वज लगा हुआ था. इसमें ‘आरबी’ वायुसेना प्रमुख राकेश भदौरिया के संक्षिप्त नाम का प्रतीक है. भदौरिया ने वायुसेना उप प्रमुख पद रहने के दौरान इस सौदे को पूरा करने में एक अहम भूमिका निभाई थी.

'आज भारतीय सशस्त्र बलों के लिए ऐतिहासिक दिन'
राजनाथ सिंह ने पेरिस में मंगलवार को बाद में आयोजित सालाना भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता के संदर्भ में कहा, ‘‘आज भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया गया है और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग एक नये मुकाम पर पहुंचा है. इस तरह की उपलब्धियां हमें और अधिक सहयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं और जब मैं मंत्री पार्ले से आज मिलूंगा तब यह मेरे एजेंडा में रहेगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, जो भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी की गहराई को प्रदर्शित करता है. आज विजयादशमी है और साथ ही भारतीय वायुसेना का 87 वां स्थापना दिवस भी है.’’

पार्ले ने राफेल के बारे में कहा कि यह फ्रांस की सर्वश्रेष्ठ चीज है जिसकी पेशकश फ्रांस ने भारत को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए की है. यह ‘मेक इन इंडिया’ की पहल के प्रति फ्रांसीसी प्रतिबद्धता भी है.



'फ्रांस ने कहा भारत को करते हैं सहयोग'
फ्रांसीसी मंत्री ने कहा, ‘‘यह कोई संयोग नहीं है कि यह समारोह दशहरा के दिन और भारतीय वायुसेना के 87 वें स्थापना दिवस के दिन आयोजित हुआ. यह हमारे सर्वोच्च महत्त्व को प्रदर्शित करता है जो हम भारत के साथ अपने सहयोग को देते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक लंबी यात्रा में पहला कदम भर है क्योंकि कि हम भारतीय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यह हमारे औद्योगिक सहयोग के इतिहास में एक बड़ा दिन है और मेक इन इंडिया पहल के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध बने रहेंगे.’’

उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों का यह संस्करण विशेष रूप से भारतीय वायुसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है.

1953 में शुरू हुआ था संबंधों का इतिहास
दसॉ एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एरिक ट्रैप्पियर ने कहा, ‘‘भारतीय वायुसेना के लिए 1953 में ‘तूफानी’ सौंपे जाने के साथ हमारे संबंधों का इतिहास शुरू हुआ था और तब से हमने इस देश के साथ निरंतर प्रतिबद्धता रखी है, जिसका फ्रांस की सरकारों ने समर्थन किया.’’ उन्होंने कहा कि ये विमान बहुत ही संवेदनशील भू राजनीतिक परिस्थिति में परिचालित होते हैं.



इससे पहले सिंह ने दसाल्ट एविएशन के अंतिम ‘राफेल असेंबली लाइन’ का भी दौरा किया. साथ ही विमान को प्राप्त करने का समारोह शस्त्र पूजा के साथ संपन्न हुआ. राजनाथ सिंह ने विमान में उड़ान भरने से पहले कहा, ‘‘इस नये लड़ाकू विमान में उड़ान भरना बहुत ही सम्मान की बात है.’’

इस अवसर पर राजनाथ सिंह के साथ एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा सहित सशस्त्र बलों के कर्मी भी थे. वहीं, फ्रांस की ओर से भी सेना के शीर्ष प्रतिनिधि मौजूद थे.

2016 में भारत ने दिया था 36 राफेल का ऑर्डर
भारत ने 59,000 करोड़ रूपये के सौदे के तहत सितंबर 2016 में फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान खरीद का ऑर्डर दिया था. चार लड़ाकू विमानों की प्रथम खेप भारत में वायुसेना के अड्डे पर मई 2020 में आएगी. सभी 36 लड़ाकू विमानों के सितंबर 2022 तक भारत पहुंचने की उम्मीद है. दो इंजन वाला यह विमान विमान वाहक पोत और एक छोटे से रनवे से उड़ान भरने में सक्षम है.

ये भी पढ़ें-
जानिए किन हथियारों से दुश्मन पर हमला बोलने में सक्षम राफेल जेट!

पाक ने किया था सुखोई को गिराने का दावा, वायुसेना ने ऐसे खोली उसके झूठ की पोल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 8, 2019, 9:50 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...