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पाक से सटी सीमा के पास भारत रचने जा रहा इतिहास, हाइवे पर उतरेंगे लड़ाकू विमान; जानें खास बातें

पाक से सटी सीमा के पास भारत रचने जा रहा इतिहास, हाइवे पर उतरेंगे लड़ाकू विमान; जानें खास बातें

ये हवाई पट्टी भारत-पाकिस्तान सीमा से सिर्फ 40 किमी की दूरी पर है (फाइल फोटो)

ये हवाई पट्टी भारत-पाकिस्तान सीमा से सिर्फ 40 किमी की दूरी पर है (फाइल फोटो)

ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय वायु सेना (आईएएफ) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल आपात स्थिति में विमान उतारने के लिए किया जाएगा. हालांकि इससे पहले 2017 में आगरा- यमुना एक्सप्रेस वे पर लड़ाकू विमान उतारे गए थे.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाके में इतिहास रचने जा रही है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी राजस्थान के बाड़मेर के गंधव भाकासर खंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-925 पर बने ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ (ईएलएफ) का गुरुवार को उद्घाटन करेंगे. यहां सेना के लड़ाकू विमान सीधे हाइवे पर लैंड कर सकेंगे. भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने नेशनल हाइवे-925ए पर हवाई पट्टी बनाई गई है. इसकी मॉक ड्रिल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शामिल होने जा रहे हैं.

    एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने भारतीय वायु सेना के लिए आपातकालीन स्थिति में विमान उतारने के वास्ते एनएच-925ए के सट्टा-गंधव खंड के तीन किलोमीटर के हिस्से पर ‘ईएलएफ’ का निर्माण किया है. यह सुविधा भारतमाला परियोजना के तहत गगरिया-बखासर और सट्टा-गंधव खंड के नव विकसित ‘टू-लेन पेव्ड शोल्डर’ का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 196.97 किलोमीटर है और इसकी लागत 765.52 करोड़ रुपये है.

    ‘पेव्ड शोल्डर’ उस भाग को कहा जाता है, जो राजमार्ग के उस हिस्से के पास हो जहां से वाहन नियमित रूप से गुजरते हैं.

    बयान में कहा गया कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाड़मेर और जालौर जिलों के गांवों के बीच सम्पर्क में सुधार करेगी. इसके पश्चिमी सीमा क्षेत्र में स्थित होने से भारतीय सेना को निगरानी करने में मदद के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी. ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय वायु सेना (आईएएफ) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल आपात स्थिति में विमान उतारने के लिए किया जाएगा. हालांकि इससे पहले 2017 में आगरा- यमुना एक्सप्रेस वे पर लड़ाकू विमान उतारे गए थे.

    भारत-पाक सीमा से सिर्फ 40 किमी है दूरी
    बता दें भारत की सुरक्षा के लिहाज से ये प्रोजेक्ट काफी अहम माना जा रहा है. 1971 में पाकिस्तान के जेट्स ने भारतीय वायुसेना के भुज एयरबेस पर बम दागे थे जिससे इसका रनवे तबाह हो गया था और सारे ऑपरेशंस भी रुक गए थे. ऐसे में भारत के सामने ऐसे हालात पैदा न हों इसलिए भारत के लिए ये प्रोजेक्ट बेहद जरूरी था. ये हवाई पट्टी भारत-पाकिस्तान सीमा से सिर्फ 40 किमी की दूरी पर है जिसकी लंबाई 3 किमी और चौड़ाई 33 मीटर है.

    ईएलएफ का निर्माण 19 महीने के अंदर पूरा किया गया है. इसका निर्माण कार्य जुलाई 2019 में शुरू किया गया था और जनवरी 2021 में यह सम्पन्न हो गया. आईएएफ और एनएचएआई की देखरेख में ‘जीएचवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ ने इसका निर्माण किया है.

    Tags: Barmer news, Defense Minister Rajnath Singh, Indian Airforce, Union Minister Nitin Gadkari, Yamuna Expressway

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