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    राज्यसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित, अब तक का तीसरा सबसे छोटा सत्र

    1952 मे राज्यसभा के अस्तित्व में आने के बाद अब तक हुए कुल 252 सत्रों में तीसरा सबसे छोटा सत्र रहा.
    1952 मे राज्यसभा के अस्तित्व में आने के बाद अब तक हुए कुल 252 सत्रों में तीसरा सबसे छोटा सत्र रहा.

    Rajya Sabha third shortest session ever: राज्यसभा सचिवालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक के सभी मानसून सत्रों सिर्फ तीन सत्रों में 10 या उससे कम बैठकें हो पाईं. 16 सत्रों में 11 से 20 बैठकें हुईं, 40 सत्रों में 21 से 30 बैठकें, 9 सत्रों में 31 से 39 बैठकें और एक सत्र में 40 बैठकें हुईं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: September 23, 2020, 4:37 PM IST
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    नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajya Sabha) का 252वां सत्र सभापति एम. वेंकैया नायडू (M. Venkaiah Naidu) ने बुधवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने का ऐलान कर दिया. कृषि बिलों (Agricultural Bills) पर पर हुए टकराव के बाद विपक्ष ने संसद की कारवाई बाधित कर दी थी और ऊपर से कोरोना संक्रमण (Corona Infection) का खतरा बढ़ता ही जा रहा था, ऐसे में सदन की कार्रवाई तय समय 1 अक्टूबर से पहले ही स्थगित करनी पड़ी. इस सत्र मे कुल 18 बैठकें होनी थी लेकिन सिर्फ 10 बैठकें ही संभव हो पाईं. कोरोना काल में सत्र का आयोजन एक चुनौती ही थी लेकिन सांसदों के बैठने के लिए 6 स्थान बनाए गए और परंपरा से हटते हुए शनिवार और रविवार को भी सदन बैठा.

    लेकिन रिकॉर्ड तो बनते ही गए, 1952 मे राज्यसभा के अस्तित्व में आने के बाद अब तक हुए कुल 252 सत्रों में तीसरा सबसे छोटा सत्र रहा. साथ ही अब तक 69 मानसून सत्रों में ये दूसरा सबसे छोटा सत्र था. इसके पहले 1979 मे हुआ 110वां सत्र और अक्टूबर 1999 में हुए 187वें मानसून सत्र में सिर्फ 6 बैठकें हो पाईं थीं. ये अटल बिहारी वाजपेयी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद का सत्र था. इसलिए अब तक के सबसे छोटे मानसून सत्र होने का सेहरा इन्हीं दोनों सत्रों पर बंधा है. जहां तक सबसे लंबे मानसून सत्र का सवाल है वो राज्यसभा का 89वां सत्र था. जुलाई- सितंबर 1974 तक हुए इस सत्र मे कुल 40 बैठकें हईं थी जो कि 1952 से अब तक हुए 252 सत्रों में सबसे ज्यादा बैठकों का रिकार्ड है जो अब तक बरकरार है.

    राज्यसभा सचिवालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक के सभी मानसून सत्रों सिर्फ तीन सत्रों में 10 या उससे कम बैठकें हो पाईं. 16 सत्रों में 11 से 20 बैठकें हुईं, 40 सत्रों में 21 से 30 बैठकें, 9 सत्रों में 31 से 39 बैठकें और एक सत्र में 40 बैठकें हुईं. मौजूदा सत्र में भी 18 बैठकें तय थीं लेकिन इसे पहले ही स्थगित करना पड़ा. चलते-चलते रिकार्ड के लिए बता दें कि अब तक के तमाम सत्रों में 111वां सत्र सबसे छोटा सत्र रहा है. 20 अगस्त 1979 को हुए इस सत्र में सिर्फ एक बैठक हो पाई थी क्योंकि स्वर्गीय चरण सिंह ने पीएम बनने के बाद उसी दिन इस्तीफा दे दिया था.



    सत्र भले ही छोटा रहा हो लेकिन कोरोना काल में दिशा-निर्देशों को लेकर ऐसी व्यवस्था की गयी की इसमें शामिल हुए सांसदों के लिए हमेशा यादगार रहेगा और दुनिया के सामने उदाहरण भी पेश करेगा कि बचाव के साथ कोरोना काल में काम कैसे किया जा सकता है.
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