राज्यसभा में उठी हर जिले में कैंसर अस्पताल खोलने की मांग

राज्यसभा के कई सदस्यों ने कैंसर के मंहगे इलाज को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि कैंसर के इलाज के लिए हर जिले में कैंसर हॉस्पिटल होने चाहिए.

भाषा
Updated: July 31, 2019, 5:16 PM IST
राज्यसभा में उठी हर जिले में कैंसर अस्पताल खोलने की मांग
राज्यसभा में बुधवार को कैंसर के इलाज के लिए हर जिले में अस्पताल की मांग उठी (फाइल फोटो)
भाषा
Updated: July 31, 2019, 5:16 PM IST
देश में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच गरीब लोगों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने के लिए बुधवार को राज्यसभा में देश के प्रत्येक जिले में कैंसर की जांच और उपचार के लिए केंद्र खोलने की मांग उठी. कैंसर रोगियों के लिए मूलभूत सुविधाएं और सस्ता उपचार सुनिश्चित किये जाने की आवश्यकता के मुद्दे पर सपा सदस्य चौधरी सुखराम सिंह यादव, विशम्भर प्रसाद निषाद और चंद्रपाल सिंह यादव द्वारा उच्च सदन में शुरू की गई अल्पकालिक चर्चा में हिस्सा लेते हुए लगभग सभी दल के सदस्यों ने हर जिले में कैंसर केंद्र खोलने की सरकार से मांग की.

विशम्भर प्रसाद निषाद ने कहा कि इस बीमारी का तेजी से प्रसार हो रहा है. इससे समाज का हर वर्ग प्रभावित हो रहा है. अमीर लोग देश विदेश में अच्छा इलाज करा सकते हैं लेकिन इस जानलेवा बीमारी की सबसे त्रासदपूर्ण स्थिति का सामना गरीबों को करना पड़ रहा है.

छोटे शहरों में कैंसर के इलाज की नहीं हैं सुविधाएं
उन्होंने कहा कि कैंसर की पहचान के लिए जांच और उपचार केंद्रों की स्थानीय स्तर पर सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को दिल्ली जैसे महानगरों की ओर रुख करना पड़ता है. निषाद ने कहा कि पैसे के अभाव में अधिकांश मरीज बड़े शहरों में नहीं जा पाते और जो किसी तरह बड़े शहरों में पहुंच भी जाते हैं, उन्हें सरकारी अस्पतालों में लंबा इंतजार करना पड़ता है. निजी अस्पतालों में इलाज बहुत मंहगा होने के कारण मरीज बिना इलाज के मौत का इंतजार करने को मजबूर होते हैं.

कैंसर की वजहों पर भी रोक लगाने की उठी मांग
उन्होंने बताया बीमारी की जड़ में दूषित एवं मिलावटी खाद्य पदार्थ तथा मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विकिरण प्रमुख कारण बनकर उभरे हैं. उन्होंने सरकार से दूषित एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण करने और विकिरण सहित कैंसर के अन्य कारणों के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की मांग की. साथ ही उन्होंने हर जिले में कम से कम एक कैंसर जांच एवं उपचार केंद्र खोलने की मांग की.

दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच चुकी है कैंसर की बीमारी
Loading...

चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस की वांसुक सियाम ने मेघालय सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भी यह बीमारी पहुंच गई है. सियाम ने कहा कि इस बारे में अब तक जारी शोध रिपोर्टों के मुताबिक प्लास्टिक, रासायनिक खाद और मिलावटी खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल इस बीमारी की वजह बन रहा है. उन्होंने इसके बारे में व्यापक पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने और बीमारी की जांच एवं उपचार का प्रसार सरकारी स्तर पर हर जिले में करने की मांग की.

लोगों को जागरूक किया जाए कि कैंसर लाइलाज नहीं
भाजपा के विकास महात्मे ने कहा कि सबसे पहले तो कैंसर के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए कि कैंसर लाइलाज नहीं है, इसका इलाज संभव है. बशर्ते इसकी पहचान शुरुआती दौर में ही हो जाए. उन्होंने सरकार से कैंसर की शुरुआती जांच की सुविधा जिला और कस्बे के स्तर पर मुहैया कराने की मांग की.

उन्होंने मोदी सरकार द्वारा आयुष्मान योजना में हर गरीब मरीज को पांच लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा को बड़ी राहत बताया. महात्मे ने कहा कि कैंसर की भी कम कीमत पर 355 जेनरिक दवाएं जनऔषधि केंद्रों पर वितरित होने के कारण मरीजों को काफी सहूलियत मिली है.

कैंसर के इलाज का दावा करने वाले ठगों पर भी लगे लगाम
तृणमूल कांग्रेस के जोगेन चौधरी और अन्नाद्रमुक के ए के सेल्वाराज ने कैंसर के इलाज का दावा कर मरीजों को ठगने वाले नीम हकीमों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि निजी कंपनियों को अपने सीएसआर फंड से कैंसर मरीजों को दवा मुहैया कराने में मदद पहुंचाने का विकल्प मुहैया कराया जाए. उन्होंने कहा कि इलाज की पारंपरिक ‘सिद्धा पद्धति’ सहित आयुर्वेद में भी कैंसर के इलाज का विकल्प मरीजों को मुहैया कराने में सरकार को मदद करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: जानवर भी जीवन से निराश होकर करते हैं खुदकुशी, कई मामले

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 31, 2019, 4:55 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...