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राज्यसभा में शेम-शेम की नारेबाजी पर सांसद रंजन गोगोई बोले- जल्द विपक्ष भी करेगा मेरा स्वागत

राज्यसभा में शेम-शेम की नारेबाजी पर सांसद रंजन गोगोई बोले- जल्द विपक्ष भी करेगा मेरा स्वागत

राज्यसभा में सांसद की शपथ लेते रंजन गोगोई

राज्यसभा में सांसद की शपथ लेते रंजन गोगोई

भारत के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के शपथ के दौरान विपक्ष ने 'डील' चिल्ला कर नारेबाजी की और सदन से वॉक आउट कर गए.

    नई दिल्ली. भारत के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने गुरुवार को बतौर राज्यसभा (Rajya Sabha) सांसद शपथ ली. बीते दिनों उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद  (Ramnath Kovind) ने बतौर सांसद नामित किया था. गुरुवार को जब गोगोई ने शपथ ली तो उस वक्त सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) समेत अन्य मंत्री और सांसद मौजूद थे. हालांकि गोगोई के शपथ के दौरान विपक्ष ने 'डील' चिल्ला कर नारेबाजी की और सदन से वॉक आउट कर गए. अपोजिशन के इस रुख पर जब गोगोई से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. वे बहुत जल्द ही स्वागत करेंगे.'

    सदन में हंगामे के बाद राज्यसभा में मौजूद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने विपक्ष के विरोध की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस सदन की शोभा कई न्यायाधीशों ने बढ़ाई है, लेकिन इस तरह से विपक्ष का विरोध शर्मनाक है.

    रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'राज्यसभा में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक महान परंपरा है, जिनमें पूर्व CJI भी शामिल हैं. गोगोई जिन्होंने आज शपथ ली है वह निश्चित रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे.' शपथ-ग्रहण समारोह के दौरान वॉक आउट पर प्रसाद ने कहा, 'विपक्ष का ऐसा करना अनुचित था.'

     46वें चीफ जस्टिस रहे गोगोई
    रंजन गोगोई देश के 46वें चीफ जस्टिस रहे हैं. उन्होंने सीजेआई का पद तीन अक्टूबर 2018 से 17 नंवबर 2019 तक संभाला. 18 नवंबर, 1954 को असम में जन्मे रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बॉस्को स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ाई की. 28 फरवरी, 2001 को रंजन गोगोई को गुवाहाटी हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. जस्टिस गोगोई 23 अप्रैल, 2012 को सर्वोच्च न्यायालय के जज बने और फिर चीफ जस्टिस भी बने. 17 नवंबर 2019 को वह रिटायर हुए.

    रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने अयोध्या मामले के अलावा, असम एनआरसी, राफेल, सीजेआई ऑफिस और आरटीआई के दायरे में जैसे कई ऐतिहासिक फैसले दिए.

    विवादों में भी रहा था कार्यकाल
    गोगोई अपने साढ़े 13 महीनों के कार्यकाल के दौरान कई विवादों में भी रहे. उन पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगे, लेकिन उन्होंने उन्हें कभी भी अपने काम पर उसे हावी नहीं होने दिया. वह बाद में आरोपों से मुक्त भी हुए. गोगोई उन 4 जजों में भी शामिल थे, जिन्होंने रोस्टर विवाद को लेकर ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

    यह भी पढ़ें: पूर्व CJI रंजन गोगोई ने ली राज्यसभा सांसद की शपथ, विपक्ष ने किया हंगामा

    Tags: Justice Ranjan Gogoi, Rajya sabha

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