'प्रशांत किशोर चाहे तो आम आदमी पार्टी में हो सकते हैं शामिल'

'प्रशांत किशोर चाहे तो आम आदमी पार्टी में हो सकते हैं शामिल'
प्रशांत किशोर को जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. (फाइल फोटो)

प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) के लिए आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने अपने दरवाजे खुले रखे हैं. इससे पहले JDU से निकाले जाने के बाद किशोर के बारे में खबरें थीं कि वह ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2020, 10:31 AM IST
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नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने चुनाव रणनीतिकार और बिहार (Bihar) में सत्तारूढ़ दल जनता दल युनाइटेड (JDU) के नेता रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है. पार्टी नेता और राज्यसभा (Rajya sabha) सांसद संजय सिंह  (Sanjay Singh)ने इस बात के संकेत दिये.

शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा कि अगर वह (प्रशांत किशोर) चाहते हैं तो वह पार्टी में उनका स्वागत है. किशोर से जुड़े एक सवाल पार्टी नेता ने कहा- टअगर प्रशांत किशोर जी हमारे साथ आना चाहते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है. अब यह उनका फैसला है कि वह आना चाहते हैं या नहीं. बता दें बीते दिनों संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2020) में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को प्रशांत किशोर का भी साथ मिला था.

TMC ने भी किया था 'स्वागत'
बता दें कि प्रशांत किशोर संशोधित नागरिकता कानून पर पार्टी लाइन से अलग हटकर बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे. नीतीश कुमार लंबे समय तक इस पर चुप्पी साधे रहे. बाद में बिहार के सीएम नीतीश ने साफ तौर पर कह दिया कि वह ऐसे किसी व्यक्ति को अपने दल में बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्हें जनवरी महीने में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
वहीं  सियासी गलियारे में चर्चा है कि प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं. हालांकि, इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेता कुछ भी साफ तौर पर बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन TMC में उनके शामिल होने की संभावनाओं को सिरे से खारिज भी नहीं किया.



बता दें कि प्रशांत किशोर इन दिनों तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की तरह प्रशांत किशोर भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की खुलकर आलोचना करते रहे हैं. बता दें कि जेडीयू ने संसद में सीएए का समर्थन किया था.
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