जम्‍मू-कश्‍मीर: अनुच्‍छेद-370 हटाकर दो केंद्रशासित राज्‍यों में बांटने पर आज लोकसभा में वोटिंग

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, जम्‍मू-कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के दो अनुच्‍छेद सूबे के विकास की राह में रोड़ा बन रहे थे. इन दोनों अनुच्‍छेद के कारण जम्‍मू-कश्‍मीर में भारत के कानून लागू नहीं हो पा रहे थे.

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Updated: August 6, 2019, 5:43 AM IST
जम्‍मू-कश्‍मीर: अनुच्‍छेद-370 हटाकर दो केंद्रशासित राज्‍यों में बांटने पर आज लोकसभा में वोटिंग
राज्‍यसभा में जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 हटाने वाला संकल्‍प पत्र और सूबे को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने वाला विधेयक सोमवार को पारित हो गया. अब मंगलवार को इस पर लोकसभा में वोटिंग होगी.
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Updated: August 6, 2019, 5:43 AM IST
राज्‍यसभा में जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 हटाकर सूबे को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने वाला विधेयक सोमवार को पारित हो गया. अब मंगलवार को इस पर लोकसभा में वोटिंग होगी. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सूबे में गरीबी का बड़ा कारण अनुच्‍छेद-370 के प्रावधान हैं. इसी के कारण राज्‍य में विकास नहीं हो पा रहा है. इस फैसले से वादी में अशांति की विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्‍होंने कहा, 'कुछ नहीं होगा, राज्‍य धरती का स्‍वर्ग था और रहेगा.'

जम्‍मू-कश्‍मीर को सबसे विकसित राज्‍य बनाने को प्रतिबद्ध केंद्र

शाह ने कहा कि हालात सामान्‍य होने और सही समय आने पर जम्‍मू-कश्‍मीर को फिर पूर्ण राज्‍य बना दिया जाएगा. गृह मंत्री के मुताबिक, अनुच्‍छेद-370 सूबे में हालात सामान्‍य करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है. एनडीए सरकार जम्‍मू-कश्‍मीर को देश का सबसे विकसित राज्‍य बनाने को लेकर प्रतिबद्ध है. बिना अनुच्‍छेद-370 और 35ए को हटाए बिना आतंकवाद को खत्‍म नहीं किया जा सकता है.

70 साल से तीन परिवारों के शासन के कारण बढ़ा भ्रष्‍टाचार

गृह मंत्री ने कहा कि संविधान के दो अनुच्‍छेदों के कारण जम्‍मू-कश्‍मीर को विशेष राज्‍य का दर्जा मिला. साथ ही वहां भारतीय कानून लागू नहीं हो पाते. इसकी वजह से वहां विकास नहीं हो पा रहा और भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. सूबे में 70 साल से तीन परिवारों का शासन है. इससे वहां लोकतंत्र स्‍थापित नहीं हो पा रहा है और भ्रष्‍टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं. अनुच्‍छेद-370 ने सूबे के बर्बाद कर दिया. यही राज्‍य में गरीबी के लिए जिम्‍मेदार है.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अनुच्‍छेद-370 के कारण सूबे में उद्योग धंधे स्‍थापित नहीं पा रहे थे. सूबे में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की कमी है. यही हाल शिक्षा का भी है. कश्‍मीर में शिक्षा का अधिकार लागू नहीं हो पाया.


सूबे में सीमेंट की बोरी की कीमत 100 रुपये ज्‍यादा
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शाह ने कहा कि इसके बावजूद सूबे के लिए प्रति व्‍यक्‍त‍ि औसत आय 14,255 रुपये आवंटित की गई है, जबकि इसका राष्‍ट्रीय औसत 3,681 रुपये है. इसी अनुच्‍छेद के कारण पूरे देश के अनुपात में सूबे की संपत्तियों की कीमत नहीं बढ़ पा रही है, जबकि राष्‍ट्रीय औसत के मुकाबले जम्‍मू-कश्‍मीर में सीमेंट की बोरी की कीमत 100 रुपये ज्‍यादा है.

जम्‍मू-कश्‍मीर में लागू नहीं हो पाया शिक्षा का अधिकार

गृह मंत्री ने कहा कि जमीन नहीं खरीदने की बाध्‍यता के कारण राज्‍य में पर्यटन को भी बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है. वहीं, इसी अनुच्‍छेद के कारण सूबे में उद्योग धंधे स्‍थापित नहीं पा रहे हैं. सूबे में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की कमी है. यही हाल शिक्षा का भी है. कश्‍मीर में शिक्षा का अधिकार लागू नहीं हो पाया. इस अनुच्‍छेद के हटने के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर वास्‍तव में भारत का अभिन्‍न हिस्‍सा हो जाएगा.

सूबे के आर्थिक कमजोर तबके को 10 फीसदी आरक्षण

शाह ने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर में 41,400 लोग आतंकवाद की भेंट चढ़ गए. इसके लिए किसकी नीतियां जिम्‍मेदार हैं? अनुच्‍छेद-370 अस्‍थायी प्रावधन था. आखिर कब तक एक अस्‍थायी प्रावधान को लागू रखा जाएगा. इसके अलावा राज्‍यसभा में सूबे के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दे दी. साथ ही अनुच्‍छेद-370 को हटाने वाने प्रस्‍ताव को ध्‍वनिमत से पारित कर दिया गया.

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First published: August 6, 2019, 4:49 AM IST
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