राज्यसभा से पास हुआ UAPA बिल, अमित शाह ने दिया हर आरोपों का करारा जवाब

अमित शाह ने कहा कि आतंकी घोषित करने के बाद भी चार स्तर पर स्क्रूटनी का विकल्प मौजूत रहेगा. उन्होंने बताया कि आतंकी घोषित करने के बाद रीव्यू कमेटि होगी, जिसके चेयरमैन हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त जज होंगे. इसके बाद भी विकल्प बचे रहेंगे.

News18Hindi
Updated: August 2, 2019, 5:57 PM IST
राज्यसभा से पास हुआ UAPA बिल, अमित शाह ने दिया हर आरोपों का करारा जवाब
राज्यसभा से गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम संशोधन विधेयक (UAPA) 2019 पारित हो गया है.
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Updated: August 2, 2019, 5:57 PM IST
राज्यसभा से गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम संशोधन विधेयक (UAPA) 2019 पारित हो गया है. इस प्रस्ताव के पक्ष में 147 वोट पड़े, जबकि विरोध में 42 वोट ही मिले. इस बिल को लेकर कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए थे. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि संगठन को पहले से ही आतंकी घोषित किया जाता रहा है, ऐसे में व्यक्ति को आतंकी घोषित करने की जरूरत क्या है?

गृह मंत्री अमित शाह ने आरोपों का जवाब दिया और कहा कि इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी यासीन भटकल 2009 से कई मामलों में वॉन्टेड था. कोलकाता पुलिस ने उसे पकड़ा और उसने अपना फर्जी नाम बताया. पुलिस के पास उसके चेहरे की पहचान नहीं थी इसलिए उसे छोड़ दिय गया. लेकिन अगर 2009 में उसे आतंकी घोषित किया गया होता तो देश के सभी थानों में उसकी फोटो और फिंगर प्रिंट होता और वह भाग नहीं पाता.

स्क्रूटनी का विकल्प होगा

अमित शाह ने कहा कि आतंकी घोषित करने के बाद भी चार स्तर पर स्क्रूटनी का विकल्प मौजूद रहेगा. उन्होंने बताया कि आतंकी घोषित करने के बाद रीव्यू कमिटि होगी, जिसके चेयरमैन हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त जज होंगे. इसके बाद भी विकल्प बचे रहेंगे.

इरादों पर रोक जरूरी

अमित शाह ने कहा कि जब किसी संस्था पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो वे (आतंकी) दूसरी संस्था बना लेते हैं. प्रतिबंध लगाने, प्रूफ जुटाने में दो साल चले जाते हैं, तब तक वे विचारधाराएं फैलाते रहते हैं, घटनाएं करते रहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा जब तक व्यक्ति को आतंकी घोषित नहीं करते इनके काम और इरादों पर रोक नहीं लगाई जा सकती. गृह मंत्री ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान, चीन, इजरायल, यूरोपीय संघ, सुरक्षा परिषद के 1267 प्रस्ताव के तहत भी आतंकी घोषित किए जाते हैं, ऐसे में यहा किस बात का डर है.

चिदंबरम ने क्या कहा था?
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बता दें कि राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम में यूएपीए बिल में संशोधन का विरोध करते हुए कहा था कि जब संगठन को आतंकी घोषित किया जाता है तो व्यक्ति को आतंकी घोषित करने की क्या जरूरत है. उन्होंने कहा था कि सरकार कह रही है कि केंद्र को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह किसी भी व्यक्ति को आतंकी घोषित कर सकती है या हटा उसे हटा सकती है, यह प्रावधान ठीक नहीं है.

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First published: August 2, 2019, 5:57 PM IST
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