कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कारगिल में शहीद 'भाइयों' को दी श्रद्धांजलि

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया है कि 1999 के कारगिल युद्ध में पहली बार शहीदों को सेना ने खुद दफनाने के बजाए सम्मान के साथ उनके परिवार को भेजा था.

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Updated: July 26, 2019, 5:14 PM IST
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कारगिल में शहीद 'भाइयों' को दी श्रद्धांजलि
राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कारगिल शहीदों को अपना भाई कहा है (फाइल फोटो)
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Updated: July 26, 2019, 5:14 PM IST
भारतीय जनता पार्टी के नेता और जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने भारतीय सेना के इन जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए अपना 'भाई' कहा है. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सेना ने राजनीति में आने के लिए 2013 में भारतीय सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी.

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भारतीय सेना की सेवा के साथ ही ओलंपिक खेलों में भी भारत का सिर ऊंचा किया है. 2013 में उन्होंने एथेंस में हुए ओलंपिक खेलों में भारत के लिए निशानेबाजी में सिल्वर मेडल जीता था. इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक में भी 2 सिल्वर मेडल जीते थे.

राठौड़ ने कारगिल के शहीदों को अपना भाई बताया
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कारगिल के शहीदों को याद करते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने इस ट्वीट में कारगिल के शहीदों को याद किया है. राठौड़ ने लिखा है-

"मेरे भाई सैनिक जो कारगिल के युद्ध में शहीद हुए, उनकी बहादुरी और साहस और हर सैनिक को जो कि हमारे देश की सेवा करता है हमेशा हमारे दिलों में उसकी यादें जिंदा रहेंगीं. उन्हें मेरा सलाम है.

हिंदुस्तान के नाम के साथ उनका नाम हमेशा के लिए जुड़ गया है. जय हिंद!"

राज्यवर्धन सिंह राठौर के ट्वीट में एक वीडियो भी है, जिसमें वे कारगिल युद्ध के बारे में बातें कर रहे हैं. इसमें राठौड़ ने यह भी बताया है, "1999 के कारगिल युद्ध में यह पहली बार था जब शहीदों को सेना ने खुद दफनाने के बजाए सम्मान के साथ उनके परिवार को भेजा था."
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प्रसिद्ध निशानेबाज रहे हैं राठौड़
29 जनवरी 1970 को जैसलमेर में जन्मे राज्यवर्धन प्रसिद्ध निशानेबाज हैं. उन्होंने 2004 में हुए एथेंस ओलंपिक में पुरुष डबल–ट्रैप में पहला रजत पदक जीता था. यह उनकी जिंदगी का टर्निंग पाइंट रहा. इससे उनकी पूरे विश्व में पहचान बनी. पेरिस ओलंपिक में राठौड़ ने 2 रजत पदक जीते थे. राठौड़ भारत के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने देश के लिए एकल रजत पदक जीता.

सेना के बाद 2013 में रखा राजनीति में कदम
सेना और खेल में अपना भाग्य आजमाने के बाद राठौड़ ने वर्ष 2013 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा और बीजेपी ज्वाइन की. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें जयपुर ग्रामीण से सीट से लोकसभा चुनाव मैदान में उतारा. नए सफर को लेकर राठौड़ पहले कुछ नर्वस थे, लेकिन लोगों ने उनका साथ देते अच्छे समर्थन से लोकसभा में भेजा. उसके बाद वो राजनीति छा गए.

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First published: July 26, 2019, 4:33 PM IST
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