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राकेश मारिया ने किताब में लगाया शीना बोरा मर्डर की इन्वेस्टिगेशन को गुमराह करने के आरोप, विपक्ष घिरा

Abhishek Pandey | News18Hindi
Updated: February 19, 2020, 6:44 PM IST
राकेश मारिया ने किताब में लगाया शीना बोरा मर्डर की इन्वेस्टिगेशन को गुमराह करने के आरोप, विपक्ष घिरा
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की किताब 'Let Me Say It Now' हाल ही में आई है

राकेश मारिया (Rakesh Maria) ने अपनी किताब में दावा किया है कि शीना बोरा हत्याकांड (Sheena Bora Murder) में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) से इन्वेस्टिगेशन के दौरान पीटर मुखर्जी ने बताया था कि उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी लेकिन पुलिस ने जांच को सीरियस नहीं लिया.

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  • Last Updated: February 19, 2020, 6:44 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में राकेश मारिया (Rakesh Maria) की किताब में इस समय सियासी घमासान पैदा कर दिया है. अगले हफ्ते से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र (Assembly Session) के ठीक पहले राकेश मारिया की इस किताब ने सबसे ज्यादा मुसीबत पिछली देवेंद्र फडणवीस सरकार (Devendra Fadnavis Government) के लिए खड़ी कर दी है.

राकेश मारिया ने अपनी किताब में दावा किया है कि शीना बोरा हत्याकांड (Sheena Bora Murder) में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) से इन्वेस्टिगेशन के दौरान पीटर मुखर्जी ने बताया था कि उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी लेकिन पुलिस ने उस जांच को सीरियस नहीं लिया.

'किताब में राज्य सरकार पर पूरे मामले की जांच को डाइवर्ट करने का आरोप'
इसके अलावा पिछली सरकार के बारे में राकेश मारिया ने अपनी किताब में कहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ने लगी वैसे-वैसे देवेंद्र फडणवीस सरकार ने जानबूझकर जांच करने वाले पुलिस अफसर को बदल दिया ताकि जांच दूसरी दिशा में चली जाए.



राकेश मारिया ने और दावा किया है कि इस पूरे मामले में उन्होंने देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) तक से बात की है और उन्हें इस बारे में बताया था लेकिन जांच करने वाले अफसर पर ध्यान नहीं दिया गया. जिससे साफ है कि कहीं न कहीं पिछली राज्य सरकार इस पूरे मामले में इन्वेस्टिगेशन को डाइवर्ट करना चाहती थी.

जानबूझकर इतने समय बाद मामले को उठाना किताब की पब्लिसिटी करना है- संजय कुटे
किताब की जानकारी सामने आने के बाद विपक्ष के ऊपर सरकार आक्रामक हो गई है और पिछली देवेंद्र फडणवीस सरकार (Devendra Fadnavis Government) के मंत्रियों और खुद देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में सवाल पूछ रही है.

दूसरी तरफ देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री रहे डॉ संजय कुटे ने राकेश मारिया के ऊपर सवाल खड़े किए और कहा कि अगर राकेश मारिया को किसी बात को लेकर दिक्कत थी तो उस समय वह महाराष्ट्र (Maharashtra) के टॉप कॉप थे. उन्हें इस बात को लेकर देवेंद्र फडणवीस से बात करनी चाहिए थी जानबूझकर इतने समय बाद इस मामले को उठाना यानी किताब की पब्लिसिटी करना है.

किताब में इस वाकये के चलते महाराष्ट्र में बैकफुट पर है विपक्ष
लेकिन अब बात किताब से हटकर अब महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारे में पहुंच गई है. अब तक किसान, महिला सुरक्षा (Women Safety) और तमाम दूसरे मुद्दों को लेकर विपक्ष आने वाले विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. ऐसे में राकेश मारिया की इस किताब से कहीं न कहीं विपक्ष बैकफुट पर है और आक्रामक होने कि बजाए खुद आत्मरक्षा के मूड में आ चुका है.

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First published: February 19, 2020, 6:32 PM IST
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