अपना शहर चुनें

States

Kisan Andolan: किसानों के समर्थन में गाजीपुर पहुंचे जामिया के छात्र-छात्राओं को लौटाया, टिकैत बोले- वे पढ़ाई पर ध्‍यान दें

Farmer Protest: इस पूरी घटना पर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने न्‍यूज18 से कहा कि पता नहीं ये छात्र-छात्राएं यहां क्‍यों आए थे. छात्र-छात्राओं को आंदोलन से दूर रहना चाहिए.
Farmer Protest: इस पूरी घटना पर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने न्‍यूज18 से कहा कि पता नहीं ये छात्र-छात्राएं यहां क्‍यों आए थे. छात्र-छात्राओं को आंदोलन से दूर रहना चाहिए.

Farmer Protest: इस पूरी घटना पर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने न्‍यूज18 से कहा कि पता नहीं ये छात्र-छात्राएं यहां क्‍यों आए थे. छात्र-छात्राओं को आंदोलन से दूर रहना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 13, 2020, 3:05 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों के आंदोलन (Farmer protest) का रविवार को 18वां दिन है. इस बीच 8 दिसंबर को किसान इन कानूनों के विरोध में भारत बंद का आह्वान भी कर चुके हैं. लेकिन इस बीच किसानों ने उनके आंदोलन में शामिल हो रही राजनीतिक पार्टियों को दूर रहले की सलाह दी है. अब रविवार को दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर पर स्थित गाजीपुर (Ghazipur Border) में किसानों के आंदोलन में दिल्‍ली की जामिया मिलिया इस्‍लामिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्र-छात्राएं भी पहुंचे. वे भी इस आंदोलन में शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन किसानों ने विरोध करके और पुलिस ने हस्‍तक्षेप करके उन्‍हें वापस भेज दिया.

इस पूरी घटना पर किसान ने राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने न्‍यूज18 से कहा कि पता नहीं ये छात्र-छात्राएं यहां क्‍यों आए थे. छात्र-छात्राओं को आंदोलन से दूर रहना चाहिए. उन्‍हें पढ़ाई पर ध्‍यान देना चाहिए. पता नहीं वे लोग यहां क्‍यों आए थे. वे यहां आएंगे तो फिर कोई बयान देंगे.

गाजीपुर में 4 से पांच जामिया स्‍टूडेंट आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे. इनमें एक लड़का था बाकी लड़कियां थीं. किसानों ने तुरंत इन लोगों का विरोध किया. मौके पर पुलिस भी पहुंच गई. किसान आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से उन सभी लड़कियों और एक लड़के को गाजीपुर से जाने को बोला. इसके बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ के विरोध के बाद वे वहां से चले गए.

किसान नेताओं का कहना है, 'हमने उनसे पूछना भी चाहा की आप कहां से आए हो तो लड़कियों ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. वे कैमरे पर बोलने से बच रही थीं. उनके बैग में कुछ बैनर भी थे.' किसानों के मुताबिक जामिया के छात्रों का इस आंदोलन में आना ठीक नहीं है. हम विरोध करते हैं हमारे किसान नेता भी विरोध करते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज