कृषि मंत्री को राकेश टिकैत का जवाब, बोले- तीनों कानून सरकार ले वापस, MSP पर नहीं हो रही खरीद

किसान नेता राकेश टिकैत की फाइल फोटो

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा आंदोलन वापस लिए जाने की अपील के बीच किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने सरकार से फिर कहा है कि वह तीनों कृषि कानून (Agricultur Law) वापस ले.

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    नई दिल्ली. किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने सरकार से फिर कहा है कि वह तीनों कृषि कानून (Agricultur Law) वापस ले. टिकैत ने कहा कि इससे कम पर आंदोलनकारी किसान नहीं मानेंगे. उन्होंने कहा कि मांगे पूरी ना होने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा. बता दें टिकैत का बयान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की अपील के बाद आया है जिसमें उन्होंने आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया था. कृषि मंत्री ने गुरुवार को कहा था कि कृषि उपज मंडी समितियां (APMC) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद प्रणाली बनी रहेगी तथा इसे और मजबूत किया जाएगा.

    News18 India से बात करते हुए टिकैत ने कहा कि 'सरकार बातचीत की बात कर रही है लेकिन उस पर भी शर्त लगा रही है. इससे काम नहीं चलेगा. संशोधन से काम नहीं चलेगा. तीनों कानून वापस लेने होंगे.' टिकैत ने दावा किया कि 'बातचीत के लिये हमने कभी मना नहीं किया हम तो यहीं बैठे है. 'उन्होंने कहा कि 'संसद सत्र के दौरान हमारे 200 लोग संसद के बाहर रोजाना बैठेंगे.' केंद्रीय मंत्री के एमएसपी पर अनाज बिकने के दावे पर टिकैत ने कहा-  'MSP की बात कर रहे है, MSP पर आज कहाँ अनाज बिक रहा है?'



    किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें समृद्ध बनाना है उद्देश्य- तोमर
    इससे पहले गुरुवार को तोमर ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘मैं आपके माध्यम से किसान संगठनों से इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की अपील करना चाहता हूं. उन्हें बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए और सरकार वार्ता के लिए तैयार है.’ तोमर ने कहा, ‘ऐसी आशंका थी कि एमएसपी को खत्म कर दिया जाएगा. हालांकि, जब से किसानों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है, तब से खाद्यान्न के साथ-साथ दलहन और तिलहन की खरीद बढ़ गई है.’ कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें समृद्ध बनाना है.

    तोमर ने कहा, ‘कृषि कानून इस दिशा में एक बड़ा कदम थे. मेरा मानना है कि किसान संगठनों को समय रहते उनके लाभों को समझना चाहिए. पूरा देश इन कानूनों के लाभ को समझ रहा है.’ मंत्री ने कहा कि उन्होंने विरोध कर रहे किसान संगठनों से कई बार कहा है कि सरकार कानूनों को निरस्त करने के बजाय अन्य प्रस्तावों पर चर्चा के लिए तैयार है.

    उन्होंने कहा, ‘जहां तक किसानों के विरोध का सवाल है, हमने हमेशा संवेदनशीलता दिखाई है. मोदी सरकार ने किसानों का हमेशा सम्मान किया है.’ तोमर ने कहा कि एपीएमसी पर कैबिनेट के आज के फैसले के बाद किसान संगठनों को यह भरोसा करना चाहिए कि एपीएमसी खत्म नहीं होंगी. उन्होंने कहा, ‘कानूनों में (एपीएमसी को समाप्त करने के लिए) ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. एपीएमसी राज्य के कानूनों के तहत स्थापित हैं.’

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