बाबरी विध्वंस केस: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- फैसला सुनाने तक रिटायर नहीं होंगे जज

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लखनऊ की निचली अदलात में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार जैसे बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ मकुदमा चल रहा है.

News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 11:53 AM IST
बाबरी विध्वंस केस: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- फैसला सुनाने तक रिटायर नहीं होंगे जज
बाबरी विध्वंस केस में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है.
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Updated: July 15, 2019, 11:53 AM IST
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद को ढहाने के मामले में चल रहे मुकदमे के जज के रिटायरमेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की सरकार को आदेश दिया है कि जब तक इस मामले पर फैसला न आ जाए तब तक सीबीआई जज रिटायर न हों. बता दें इस मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई के विशेष जज एसके यादव 30 सितंबर को रिटायर होने वाले हैं.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि ट्रायल कोर्ट के जज को 30 सितंबर को रिटायर होना था, लेकिन उन्होंने मुकदमे को पूरा करने के लिए और समय मांगा है. इस पर कोर्ट ने यूपी सरकार को 19 जुलाई तक यह बताने के लिए कहा कि पूरे मामले की सुनवाई कर रहे जज के रिटायर होने पर क्या नियम और कानून हैं.



बीजेपी के बड़े नेताओं पर चल रहा है मुकदमा 

बता दें कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लखनऊ की निचली अदलात में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार जैसे बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ मकुदमा चल रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2017 में इस मामले में रायबरेली और लखनऊ में दर्ज मुकदमों को लखनऊ में एकसाथ चलाने का आदेश दिया था. इसके साथ ही सभी नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश की धारा को भी बहाल कर दिया था. कोर्ट ने इस मामले की रोजाना सुनवाई कर केस को दो साल के भीतर निपटाने का आदेश दिया था.

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First published: July 15, 2019, 11:21 AM IST
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