Home /News /nation /

राम माधव की किताब का दावा- गांधी की विचारधारा के करीब था दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव दर्शन

राम माधव की किताब का दावा- गांधी की विचारधारा के करीब था दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव दर्शन

राम माधव का दावा है कि हिंदुत्व को लेकर, दीनदयाल के एकात्म मानववाद को लेकर काफी गलतफहमियां पैदा की गयीं हैं.

राम माधव का दावा है कि हिंदुत्व को लेकर, दीनदयाल के एकात्म मानववाद को लेकर काफी गलतफहमियां पैदा की गयीं हैं.

राम माधव का दावा है कि हिंदुत्व को लेकर, दीन दयाल के एकात्म मानववाद को लेकर काफी गलतफहमियां पैदा की गयीं हैं. कई लेखकों ने इसे फासिस्ट, खतरनाक धारणा तक करार दिया है. इन्हीं धारणाओं को दूर करने के लिए राम माधव ने ये किताब लिख कर एक पहल की है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. 22 अक्टूबर को बीजेपी के पूर्व महासचिव और संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राम माधव की तीसरी किताब का विमोचन दिल्ली में होगा. आरएसएस के सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले इस पुस्तक का विमेचन करेंगे. पहले चीन और इंडिया कम्स फर्स्ट जैसी किताबें लिखने के दो साल बाद राम माधव अपनी नई किताब द हिंदुत्व पैराडाइम लेकर आ रहे हैं. इस किताब के माध्यम से उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद जो पूरे संघ परिवार की विचारधारा का केन्द्र बिंदू है, उसका विश्लेषण करने की कोशिश की है. राम माधव कहते हैं कि पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र मे भी दीन दयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद का जिक्र कर जता दिया कि पश्चिमी देशों से अलग एक दर्शन की तलाश होती है तो एकात्म मानववाद उस जगह को आसानी से भर सकता है.

राम माधव का दावा है कि हिंदुत्व को लेकर, दीनदयाल के एकात्म मानववाद को लेकर काफी गलतफहमियां पैदा की गयीं हैं. कई लेखकों ने इसे फासिस्ट, खतरनाक धारणा तक करार दिया है. इन्हीं धारणाओं को दूर करने के लिए राम माधव ने ये किताब लिख कर एक पहल की है. राम माधव मानते हैं कि जिस एकात्म मानववाद से प्रेरणा लेकर पूरा संघ परिवार औऱ बीजेपी चलती रही है. उस विचार का बड़ा और सही विश्लेषण अब तक किसी मुख्यधारा की पुस्तकों में नहीं आया. राम माधव का कहना है कि अगर पुस्तकें छपीं भी तों इसकी निंदा करने वाली ही छपीं. इसलिए राम माधव ने ये किताब लिखी है. 2 साल की रिसर्च के बाद छपी इस किताब में लगभग 580 रेफरेंसेज हैं जो साबित करेंगे कि विश्लेषण तथ्यों पर ही आधारित है.

खास बात ये कि कि राम माधव ने इस पुस्तक में दीन दयाल उपाध्याय के एकात्म मानवदर्शन का तुलना महात्मा गांधी के दर्शन से की है. राम माधव अपनी किताब में लिखते है कि दीन दयाल उपाध्याय लोकतंत्र के सबसे बड़े समर्थक थे और उनके विचार से बहुमत का शासन सर्वसम्मति के आधार पर ही चलना चाहिए. राम माद कहत हैं कि कांग्रेस ने जितना गांधी के दर्शन को नही माना उससे ज्यादा बीजेपी ने माना. राम माधव ने लिखा है कि 1980 में अपनी स्थापना के बाद बीजेपी ने गांधी के समाजवाद को अपनी विचारधारा का दर्शन को अपनाया था. जिसे लालकृष्ण आडवाणी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का नाम दिया था. लेकिन राम माधव ने लिखा है कि ये कोई नयी विचारधार नहीं थी.

Tags: Gandhi, Mahatma gandhi

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर