Ram Mandir Bhoomi Poojan: कोरोना से ठीक हो चुके 150 पुलिसवाले अयोध्‍या में होंगे PM मोदी का सुरक्षा घेरा

Ram Mandir Bhoomi Poojan: कोरोना से ठीक हो चुके 150 पुलिसवाले अयोध्‍या में होंगे PM मोदी का सुरक्षा घेरा
पीएम मोदी आज पहुंचेंगे अयोध्‍या.

Ram Mandir Bhoomi Poojan: कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से ठीक हो चुके ये पुलिसकर्मी अयोध्या में पीएम मोदी (PM Narendra Modi) के लिए सुरक्षा घेरे का पहला चक्र बनाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 5, 2020, 7:41 AM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज अयोध्‍या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir Bhoomi Poojan) का भूमि पूजन करेंगे. इसके लिए वह सुबह 11:30 बजे अयोध्‍या के साकेत कॉलेज हेलीपैड पर पहुंचेंगे. इसके बाद यहां वह 150 ऐसे पुलिसवालों के सुरक्षा घेरे में रहेंगे, जो कोरोना वायरस से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं.

पीएम मोदी अयोध्‍या में राम मंदिर के शिलान्‍यास कार्यक्रम के साथ ही वहां करीब 3 घंटे बिताएंगे. ऐसे में वहां का प्रशासन इस बात के लिए पूरी तरह से आश्‍वस्‍त है कि पीएम मोदी की कोरोना से पूरी सुरक्षा होगी. हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की खबर के मुताबिक प्रशासन का मानना है कि विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके होते हैं, उनमें एंटीबॉडी बन जाती हैं. इससे उन्‍हें कुछ महीनों तक बीमारी ना होने की संभावना रहती है. ऐसा ही इन पुलिसवालों के लिए जताया जा रहा है.

उत्‍तर प्रदेश पुलिस के आईजी दीपक कुमार के अनुसार यह तो प्रोटोकॉल में शामिल है कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा घेरे में स्‍वस्‍थ कर्मी लगे हों और आजकल के दौर में कोविड 19 वॉरियर्स के सिवाय और कौन स्‍वस्‍थ मिल सकता है.



कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके ये पुलिसकर्मी शहर में पीएम मोदी के लिए सुरक्षा घेरे की पहली परत बनाएंगे. अयोध्‍या में कोरोना से 16 लोगों की जान जा चुकी है. साथ ही 604 मामले हैं. वे उन प्रमुख जगहों पर भी तैनात रहेंगे, जहां-जहां पीएम मोदी को दौरा करना है.

दीपक कुमार ने कहा कि उन्होंने 29 जुलाई को यूपी के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी को पत्र लिखा था और विशेष अनुरोध किया कि 25 जुलाई तक 150 यूपी पुलिस के जवान कोरोना से ठीक हो चुके हैं. उन्‍हें अयोध्‍या आने दिया जाए. उनके अनुरोध को तुरंत मंजूर किया गया. कुमार ने कहा, "मेरे पास उन सभी की पूरी सूची थी और एडीजी (कानून और व्यवस्था) ने तुरंत मेरे अनुरोध को मंजूर किया.' अधिकांश कर्मी लखनऊ के हैं, हालांकि कुछ दूर के जिलों जैसे बरेली से भी हैं.
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