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    हनी ट्रेप केसः भारतीय सेना की गुप्त जानकारी दे रहा था ड्राइवर, गिरफ्तार

    
इंटेलीजेंस अधिकारियों का कहना है कि गौर काफी समय से जासूसी के कामों में सक्रिय था.(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
    इंटेलीजेंस अधिकारियों का कहना है कि गौर काफी समय से जासूसी के कामों में सक्रिय था.(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

    Honey trap case:रामनिवास गौरा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की फर्जी नाम से संचालित सोशल मीडिया अकांउट पर सम्पर्क में रहते हुए भारतीय सेना से संबंधित सामरिक महत्व की सूचना भेजता था.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 31, 2020, 9:15 PM IST
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    नई दिल्ली. भारतीय सशस्त्र सेना सिविलियन कार्यालय में कार्यरत ड्राइवर को राजस्थान इंटेलीजेंस की टीम गिरफ्तार किया है. ड्राइवर का नाम रामनिवास गौरा बताया जा रहा है. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलीजेंस) उमेश मिश्रा ने इस मामले पर पूरी जानकारी देते हुए कहा कि रामनिवास गौरा जो परबतसर नागौर का रहने वाला है. जयपुर के निवारू स्थित सेना के कार्यालय पर ड्राइवर का काम करता है.

    मिश्रा ने बताया कि रामनिवास गौरा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की फर्जी नाम से संचालित सोशल मीडिया अकांउट पर सम्पर्क में रहते हुए भारतीय सेना से संबंधित सामरिक महत्व की सूचना भेजता था.

    गिरफ्तार करने के बाद एजेंसियां उससे पूछताछ करने में लगी हुई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पूछताछ में रामनिवास गौरा ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ओर से छदम नाम से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट पर संपर्क में रहते हुए भारतीय सेना से संबंधित सामरिक महत्व की सूचना भेजना एवं भेजी गई सूचनाओं की एवज में धनराशि प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते की डिटेल पाकिस्तानी हैण्डलिंक अफसर को शेयर कर मांग रहा था.
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