राममंदिर भूमि पूजन: ओवैसी बोले- पीएम के तौर पर मोदी को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए

राममंदिर भूमि पूजन: ओवैसी बोले- पीएम के तौर पर मोदी को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए
ओवैसी ने राम मंदिर के भूमि पूजन में पीएम के शामिल होने का विरोध किया है (फाइल फोटो)

ओवैसी (Owaisi) ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘‘भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को देश के प्रधानमंत्री (Country's PM) के रूप में कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए."

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हैदराबाद. अयोध्या (Ayodhya) में पांच अगस्त को राम मंदिर (Ram Mandir) के भूमि पूजन समारोह (Bhoomi Pujan Ceremony) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की संभावित उपस्थिति का एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM chief Asaduddin Owaisi) ने विरोध किया है और कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में नहीं. वहीं, विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने लोगों से पांच अगस्त के दिन उत्सव मनाने का आह्वान किया है.

ओवैसी (Owaisi) ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘‘भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को देश के प्रधानमंत्री (Country's PM) के रूप में कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए. वह निश्चित तौर पर व्यक्तिगत रूप (Personally) में इस समारोह में शामिल हो सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को भी धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) है. प्रत्येक भारतीय नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता है.’’

‘कार्यक्रम में मोदी की भागीदारी घावों को ताजा करने का काम करेगी’
ओवैसी ने कहा, ‘‘लेकिन मैं प्रधानमंत्री से जानना चाहता हूं कि क्या भारत सरकार का कोई धर्म है? नहीं, क्योंकि संविधान स्पष्ट रूप से कहता है कि धर्मनिरपेक्षता संविधान की मूल अवसंरचना का एक हिस्सा है.’’ ओवैसी ने पूछा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को कार्यक्रम में आमंत्रित क्यों नहीं किया गया. उनके अनुसार, कार्यक्रम में मोदी की भागीदारी ‘‘घावों को ताजा करने का काम करेगी.’’
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल सर्वसम्मत निर्णय में अयोध्या में संबंधित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था और साथ में केंद्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि का प्लॉट आवंटित करने का निर्देश दिया था.



जैन ने मुस्लिम समुदाय से हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की
वहीं, विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र कुमार जैन ने अपने फेसबुक लाइव संबोधन में कहा कि हिन्दू समाज का 500 साल से चला आ रहा संघर्ष जल्द ही सार्थक होगा. उन्होंने कहा, ‘‘राम मंदिर निर्माण के लिए लाखों लोगों ने अपना बलिदान कर दिया. समूचा देश राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है. पांच अगस्त को भूमि पूजन होगा. प्रधानमंत्री भूमि पूजन में शामिल होंगे.’’

जैन ने लोगों से अपील की कि वे पांच अगस्त को सुबह साढ़े दस बजे अयोध्या की तरफ मुंह करके खड़े हों और मन में मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ राम नाम का सुमिरन करें तथा आरती करें. उन्होंने कहा कि इस दिन प्रत्येक घर में दीपक जलाकर दीपावली जैसा उत्सव मनाया जाना चाहिए. जैन ने मुस्लिम समुदाय से भी हिन्दुओं की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की.

'नहीं भूल सकते अयोध्या में 400 साल ज्यादा पुरानी बाबरी को 1992 में आपराधिक भीड़ ने तोड़ा'
इससे पहले, ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘‘आधिकारिक पद पर रहते हुए भूमि पूजन में शामिल होना प्रधानमंत्री की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा. धर्मनिरपेक्षता संविधान की मूल अवसंरचना का हिस्सा है.’’

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के अनुसार राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के उपलक्ष्य में पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन समारोह में मोदी के शामिल होने की संभावना है. वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें भूमि पूजन समारोह में आमंत्रित किया गया है.

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हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘हम नहीं भूल सकते कि अयोध्या में 400 साल से अधिक समय तक बाबरी मस्जिद खड़ी रही और इसे 1992 में आपराधिक भीड़ ने तोड़ दिया.’’
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