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LOC Ceasefire Violation: वो फोन कॉल जिससे भारत पाकिस्तान के बीच हुआ समझौता

सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया गया है.

सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया गया है.

LOC Ceasefire Violation: इस्लामाबाद और नई दिल्ली में एक संयुक्त बयान जारी कर दोनों पक्षों ने कहा कि दोनों देशों केडायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने हॉटलाइन पर हालात को लेकर चर्चा की. इसके तहत नियंत्रण रेखा और सभी अन्य क्षेत्रों में हालात की सौहार्दपूर्ण एवं खुले माहौल में समीक्षा की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 7:11 AM IST
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India-Pakistan LoC Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर उल्लंघन (Ceasefire Violation) को लेकर दो दिन पहले एक समझौता हुआ है. इसके तहत दोनों देशों के बीच तय किया गया है कि वो लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) और दूसरे सेक्टर्स में सीजफायर को नहीं तोड़ेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद ये डील हुई. खास बात ये है कि दो मुल्कों के बीच चर्चा ऐसे समय पर हुई है, जब एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन के मामलों में इजाफा देखा जा रहा था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के सेनाओं के बीच हॉटलाइन हमेशा खुली रहती है. मेजर रैंक के एक अधिकारी रुटीन मुद्दों पर चर्चा के लिए पाकिस्तान से बातचीत करते रहते हैं. इसके अलावा ब्रिगेडिलर लेवल के एक अधिकारी भी हफ्ते में एक बार बातचीत करते हैं. जबकि दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस कभी कभार एक दूसरे से बातचीत करते हैं. लिहाजा सीजफायर को लेकर समझौता DGMO के बीच बातचीत से हुई.

संघर्ष विराम समझौतों के अमल पर बनी सहमति
इस्लामाबाद और नई दिल्ली में एक संयुक्त बयान जारी कर दोनों पक्षों ने कहा कि दोनों देशों केडायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने हॉटलाइन पर हालात को लेकर चर्चा की. इसके तहत नियंत्रण रेखा और सभी अन्य क्षेत्रों में हालात की सौहार्दपूर्ण एवं खुले माहौल में समीक्षा की. इसमें कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों ने 24-25 फरवरी की मध्यरात्रि से नियंत्रण रेखा व सभी अन्य क्षेत्रों में संघर्ष विराम समझौतों, और आपसी सहमतियों का सख्ती से पालन करने पर सहमति जताई.’



कई लोगों की हुई मौत
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस महीने की शुरुआत में लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि पिछले तीन साल में पाकिस्तान के साथ लगती भारत की सीमा पर संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन की कुल 10,752 घटनाएं हुईं, जिनमें 72 सुरक्षा कर्मियों और 70 आम लोगों की जान गई. उन्होंने कहा था कि 2018, 2019 और 2020 में जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा एवं नियंत्रण रेखा के पास सीमा पार गोलीबारी में 364 सुरक्षाकर्मी और 341 आम नागरिक घायल हुए.

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साल 2003 में हुआ था समझौता
साल 2003 में भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर सीजफायर समझौता हुआ था. इसके तहत तय किया गया था कि दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर एक-दूसरे पर गोलीबारी नहीं करेंगी. यह समझौता करीब 3 साल तक ठीक चला, लेकिन पाक ने साल 2006 में फिर गोलीबारी शुरू कर दी. वहीं, बीते साल 2020 में सीमा पर पाकिस्तान ने रिकॉर्ड सीजफायर उल्लंघन किया है.
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