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निजता को लेकर भारत गंभीर, डेटा पर एकाधिकार स्वीकार नहीं: रविशंकर प्रसाद

भाषा
Updated: November 6, 2019, 11:47 PM IST
निजता को लेकर भारत गंभीर, डेटा पर एकाधिकार स्वीकार नहीं: रविशंकर प्रसाद
रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार कंपनी को डेटा पर एकाधिकार स्थापित नहीं करने देंगे (फाइल फोटो)

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने कहा कि कुछ कंपनियों या देशों का आंकड़ों (Data) पर एकाधिकार कायम करने की कोशिश या डेटा आधिपत्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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नई दिल्ली. व्हाट्सएप (Whatsapp) में इजराइली मालवेयर 'पेगासस' के जरिये कथित जासूसी की खबरों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने बुधवार को निजता के अधिकार की रक्षा पर भारत की प्रतिबद्धता का कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि देश निजता के अधिकार को गंभीरता से लेता है और सूचना की निजता इसी का एक अभिन्न अंग है.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत (India) डेटा के क्षेत्र में उपनिवेशवाद (Colonialism) को स्वीकार नहीं करेगा.

सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में डिजिटल अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है डेटा
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कोलंबो में राष्ट्रमंडल देशों के विधि मंत्रियों के एक सम्मेलन में प्रसाद ने डेटा संरक्षण (Data Protection) पर भारत का सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि आंकड़ों (Data) पर कुछ देशों या कंपनियों के एकाधिकार को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) के दौर में डेटा डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) में अहम भूमिका निभाता है.

भारत के कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी बने इस जासूसी का शिकार
रविशंकर प्रसाद ने कहा, "भारत में हम निजता के अधिकार (Right to Privacy) की रक्षा को गंभीरता से लेते हैं और सूचना की निजता इसका अभिन्न अंग है. इसका अर्थ है कि हर व्यक्ति का अपने डेटा और उसके व्यावसायिक उपयोग पर अपना नियंत्रण होना चाहिए."
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ऐसे समय में रविशंकर प्रसाद की यह टिप्पणी काफी अहमियत रखती है जब व्हॉट्सऐप (Whatsapp) ने हाल ही में कहा कि इजराइली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ से वैश्विक स्तर पर जासूसी की जा रही है. भारत के कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं.

कुछ कंपनियों को डेटा आधिपत्य कायम नहीं करने दिया जाएगा
रविशंकर प्रसाद ने सम्मेलन में कहा कि आंकड़ों पर आधारित अर्थव्यवस्था (Economy) वाणिज्यिक उपयोग और रोजगार दोनों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. भारत इस तथ्य को स्वीकार करता है कि विकासशील और अल्पविकसित देशों में बड़े पैमाने पर आंकड़ों का सृजन हो रहा है लेकिन उनके प्रसंस्करण का दावा सिर्फ बड़े देश ही कर रहे हैं.

मंत्री ने कहा कि कुछ कंपनियों या देशों का आंकड़ों (Data) पर एकाधिकार कायम करने की कोशिश या डेटा आधिपत्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा. प्रसाद ने कहा कि बड़े देश हो या छोटे दोनों के आंकड़ों की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए.

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First published: November 6, 2019, 11:47 PM IST
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