चीनी ऐप्‍स पर बैन को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया 'डिजिटल स्‍ट्राइक'

चीनी ऐप्‍स पर बैन को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया 'डिजिटल स्‍ट्राइक'
रविशंकर प्रसाद ने कही ये बात.

India China stand off: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने कहा, 'भारत शांति चाहता है. लेकिन अगर कोई हम पर बुरी नजर डालेगा तो हम उसका करारा जवाब देंगे.'

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नई दिल्‍ली. लद्दाख (Ladakh) में चीन (China) के साथ चल रहे तनाव (India China Stand-off) के बीच भारत ने चीन के 59 मोबाइल ऐप्‍लीकेशंस (Chinese Applications) पर बैन लगा दिया है. इनमें टिकटॉक समेत अन्‍य ऐप्‍स शामिल हैं. सरकार के इस कदम से चीन को बड़ा झटका लगा है. इस बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने इस बाबत प्रतिक्रिया दी है. उन्‍होंने चीनी ऐप्‍स बैन करने को डिजिटल स्‍ट्राइक बताया है.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'भारत शांति चाहता है. लेकिन अगर कोई हम पर बुरी नजर डालेगा तो हम उसका करारा जवाब देंगे. हमने चीन की ऐप्लिकेशंस पर प्रतिबंध लगाकर देशवासियों के डाटा की रक्षा की है. यह डिजिटल स्‍ट्राइक है.' उन्‍होंने चीन और भारत के बीच जारी तनाव को लेकर माकपा पर निशाना भी साधा. रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'आखिर क्‍यों माकपा चीन की आलोचना नहीं करती.'

 
बता दें क‍ि भारत ने सोमवार को 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें बेहद लोकप्रिय टिकटॉक और यूसी ब्राउजर भी शामिल हैं. ये प्रतिबंध लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिकों के साथ मौजूदा तनावपूर्ण स्थितियों के बीच लगाए गए हैं. प्रतिबंधित सूची में वीचैट, बीगो लाइव, हैलो, लाइकी, कैम स्कैनर, वीगो वीडियो, एमआई वीडियो कॉल - शाओमी, एमआई कम्युनिटी, क्लैश ऑफ किंग्स के साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफार्म क्लब फैक्टरी और शीइन शामिल हैं. 






आईटी मंत्रालय ने कहा है कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप्स के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं. इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ऐप्स उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें गुपचुप तरीके से भारत के बाहर स्थित सर्वर को भेजते हैं. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी कानून धारा 69ए और नियमों के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया.

वहीं भारत द्वारा देश की संप्रभुता और अखंडता को चोट पहुंचाने वाली गतिविधियों में लिप्त होने के कारण चीन से संबंध वाले 59 ऐप्स पर रोक लगाने के एक दिन बाद चीन ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की, और कहा कि भारत सरकार पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के वैध और कानूनी अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भारत में चीनी ऐप्स पर रोक के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था, 'चीन भारत द्वारा जारी नोटिस से अत्यधिक चिंतित हैं. हम स्थिति की जांच और पुष्टि कर रहे हैं.' उन्होंने कहा था, 'मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि चीनी सरकार हमेशा अपने कारोबारियों से विदेश में अंतरराष्ट्रीय नियमों, स्थानीय कानूनों और विनियमनों का पालन करने के लिए कहती है.'
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