रविशंकर प्रसाद ने जकरबर्ग को लिखा पत्र, कहा- Facebook कर्मी PM और मंत्रियों को कह रहे अपशब्द

रविशंकर प्रसाद ने जकरबर्ग को लिखा पत्र, कहा- Facebook कर्मी PM और मंत्रियों को कह रहे अपशब्द
IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मार्क जकरबर्ग को खत लिखा है (फाइल फोटो)

केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Union IT Minister Ravi Shankar Prasad) ने कहा कि इस बारे में विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स (credible media reports) हैं कि फेसबुक इंडिया (Facebook India) के प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एक विशेष विचारधारा से संबंध रखते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 11:04 PM IST
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नई दिल्ली. वरिष्ठ फेसबुक अधिकारियों (Senior Facebook Officers) की ओर से "प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों (Prime Minister and senior cabinet ministers) को ऑन रिकॉर्ड अपशब्द कहने पर" चिंता जताते हुए केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Union IT Minister Ravi Shankar Prasad) ने फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग (Facebook CEO Mark Zuckerberg) को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का फेसबुक इंडिया (Facebook India) में काम करते हुए और महत्वपूर्ण पदों का प्रबंधन करते हुए ऐसा करना समस्यापूर्ण है. यह पत्र इस सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म (Social Media Platform) के सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) के प्रति पक्षपाती होने के बारे में चल रहे एक उग्र विवाद के बीच आया है, जिसमें प्रसाद बिल्कुल उल्टे दावे कर रहे हैं.

उन्होंने इस पत्र में "2019 के आम चुनावों में केंद्रीय दक्षिणपंथ की विचारधारा (right of centre ideology) के समर्थक पेजों (Pages) को हटाने या उनकी पहुंच को काफी कम करने के ठोस प्रयास, लेकिन इससे प्रभावित लोगों के लिए कोई सहारा या अपील का अधिकार नहीं देने (offer no recourse or right of appeal) के एक वायके" का जिक्र इसमें किया है. उन्होंने यह भी लिखा कि सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी (social media giant) को इस संबंध में लिखे गए दर्जनों मेल का कोई जवाब नहीं दिया गया है. हालांकि, एक अलग वास्तविकता को चित्रित करने के लिए "चयनित लीक्स" (selective leaks) के माध्यम से किसी दूसरे ही सच (different reality) को दिखाए जाने का प्रयास किया गया है.





विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स कि FB इंडिया के प्रबंध निदेशक एक विशेष विचारधारा के
प्रसाद ने कहा, "भारत की राजनीतिक प्रक्रिया में गॉसिप, फुसफुसाहट और व्यंग्य के साथ हस्तक्षेप निंदनीय है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया के साथ फेसबुक की यह मिलीभगत हमारे महान लोकतंत्र की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर आकांक्षाओं को थोपने के लिए दुष्ट निहित स्वार्थों को खुली छूट दे रही है."

उन्होंने कहा कि इस बारे में विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि फेसबुक इंडिया के प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एक विशेष विचारधारा से संबंध रखते हैं और इस राजनीतिक मान्यता के लोगों को "लगातार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों में भारी हार का सामना करना पड़ा है."

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह ऐसे कई उदाहरणों की ओर इशारा करना चाहते हैं, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कट्टरपंथी तत्वों द्वारा किया गया है, लोगों को भर्ती करना और हिंसा के लिए उन्हें इकट्ठा करना और "सामाजिक व्यवस्था को नष्ट करना, जिसका एकमात्र उद्देश्य" था.
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