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वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी पर रजा एकेडमी ने दी बधाई, कहा- उम्मीद है इनमें धर्म के खिलाफ कुछ नहीं होगा

कोरोना वैक्‍सीन पर कुछ मुस्लिम संगठनों ने उठाए थे सवाल. (Pic- AP)
कोरोना वैक्‍सीन पर कुछ मुस्लिम संगठनों ने उठाए थे सवाल. (Pic- AP)

Vaccine Update: रजा एकेडमी (Raza Academy) के सईद नूरी (Saeed Noori) ने रविवार को कहा, 'मैं सरकार के फैसले का स्वागत करता हूं और उन कंपनियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने वैक्सीन तैयार की.' हालांकि, इस दौरान भी उन्होंने वैक्सीन को लेकर एक सवाल उठा दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 6:39 PM IST
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मुंबई. ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से कोरोना वायरस (Corona Virus) वैक्सीन (Corona Vaccine) के दो उम्मीदवारों को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है. इसी बीच रजा एकेडमी के सईद नूरी ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है. इसके अलावा उन्होंने वैक्सीन निर्माता कंपनियों को बधाई भी दी है. कुछ समय पहले कई धार्मिक संगठन वैक्सीन पर सवाल उठा रहे थे. सईद नूरी ने रविवार को कहा, 'मैं सरकार के फैसले का स्वागत करता हूं और उन कंपनियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने वैक्सीन तैयार की.' हालांकि, इस दौरान भी उन्होंने वैक्सीन को लेकर एक सवाल उठा दिया है. उन्होंने कहा 'उम्मीद करता हूं कि वैक्सीन में ऐसा कुछ भी इस्तेमाल नहीं किया गया होगा, जो हमारे मजहब के खिलाफ होगा.'

भारतीय सूफी मुसलमानों की संस्था रजा एकेडमी ने कुछ दिनों पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन को पत्र लिखा था. इस पत्र के जरिए वैक्सीन को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं. संस्था ने चिंता जताई थी कि उन्हें पता चला है कि वैक्सीन के निर्माण में सुअरों के अंश का इस्तेमाल किया जा रहा है.





पत्र में लिखा गया था कि जैसे-जैसे दुनिया कोविड-19 की आपदाओं की चपेट में आ रही है, वैसे ही इसके इलाज के लिए बड़ी फार्मा कंपनियां बीमारी के खिलाफ अपनी वैक्सीन लॉन्च करने के लिए काफी तेजी से काम कर रहीं हैं. पत्र में लिखा गया कि मीडिया में कई रिपोर्ट्स आ रहीं हैं कि कुछ कंपनियां खासतौर से चीन की कंपनियां, अपनी वैक्सीन को और बेहतर बनाने के लिए सुअरों और गाय के अंश का इस्तेमाल कर रहीं हैं.
यह भी पढ़ें: रजा अकादमी ने WHO को लिखी चिट्ठी, कहा- वैक्सीन में इस्तेमाल हो रहा है सुअरों का अर्क

WHO से मांगी वैक्सीन की लिस्ट
इसके अलावा संस्था ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से विकसित हो रही वैक्सीन की लिस्ट मांगी थी. वहीं, इस लिस्ट में वैक्सीन निर्माण में शामिल की जा रही चीजों के नाम को भी शामिल करने की बात कही गई थी. संस्था ने लिखा था कि हमें लिस्ट भेजें, ताकि हम फैसला ले सकें कि वैक्सीन लगवानी है या नहीं.

कोविशील्ड और कोवैक्सिन को मिली आपात इस्तेमाल की मंजूरी
देश में दो वैक्सीन उम्मीदवारों कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशील्ड (Covishield) को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है. इससे पहले दोनों वैक्सीन को एक्सपर्ट्स कमेटी की तरफ से अप्रूवल मिल गया था. वहीं, देश में भी बड़े वैक्सीन प्रोग्राम की तैयारियां जारी हैं. शनिवार को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वैक्सीन का ड्राई रन किया गया. भारत में तीन वैक्सीन पर विचार किया जा रहा था. जिसमें कोवैक्सीन और कोविशील्ड के अलावा अमेरिकी कंपनी फाइजर का नाम भी शामिल है.

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) में कोविशील्ड का निर्माण हो रहा है. वहीं, इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजैनेका (Oxford-Astrazeneca) ने मिलकर तैयार किया है. वहीं, भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने आईसीएमआर (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर तैयार किया है.
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