रेज़रपे ने 'हिंदी' में चेकआउट पेज किया लॉन्च, जल्‍द दक्षिण भारत की सभी भाषाओं में भी मिलेगी सुविधा

रेज़रपे का कहना है कि वह हिंदी के अलावा, रेज़रपे गुजराती, बंगाली, मराठी, कन्नड़, तमिल और तेलुगू में स्थानीय भाषा की सपोर्ट लॉन्च करने वाला है. (फाइल फोटो )

रेज़रपे का कहना है कि वह हिंदी के अलावा, रेज़रपे गुजराती, बंगाली, मराठी, कन्नड़, तमिल और तेलुगू में स्थानीय भाषा की सपोर्ट लॉन्च करने वाला है. (फाइल फोटो )

कंपनी का कहना है कि इससे लाखों हिंदीभाषी ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान में फायदा मिलेगा. साथ ही इस फीचर से व्यवसायों के राजस्व में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 8:09 AM IST
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नई दिल्ली : व्यवसायों के लिए भारत के अग्रणी पेमेंट्स एवं बैंकिंग प्लेटफार्म रेज़रपे (Razorpay) ने वेबसाईट्स एवं ऐप्स के लिए चेकआउट पेज पर हिंदी भाषा के लॉन्च की घोषणा की है. ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय एवं ग्राहक ऑनलाइन लेनदेन (Online Transaction) कर रहे हैं, इसलिए यह फीचर भारत () में हिंदीभाषी एमएसएमई एवं उनके ग्राहकों को सेवा देने के लिए किया गया है. जो व्यवसाय रेज़रपे पेमेंट्स प्लेटफार्म का उपयोग करते हैं, वो अब अपना ऑनलाइन चेकआउट पेज एवं पेमेंट्स पूरी तरह से हिंदी में कर सकेंगे.

व्यवसायों के राजस्व में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी

कंपनी का कहना है कि इससे लाखों हिंदीभाषी ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान में फायदा मिलेगा. साथ ही इस फीचर से व्यवसायों के राजस्व में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी.

कोरोना महामारी में लाखों एसएमबी पहली बार ऑनलाइन हुए
कंपनी का कहना है कि 'साल 2020 में कोरोना महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में आजीविका जारी रखने के लिए लाखों एसएमबी पहली बार ऑनलाइन हुए. रेज़रपे प्लेटफार्म पर होने वाले लेनदेन के आधार पर कंपनी ने टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 2019 की तुलना में 93 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जिससे ग्राहकों द्वारा भुगतान करने के तरीके में बड़ा बदलाव हुआ'.

70 प्रतिशत ग्राहक स्थानीय भाषाओं में ऑनलाइन लेनदेन करना पसंद करते हैं

साथ ही कंपनी का कहना है कि 'भारत में 700 मिलियन इंटरनेट यूज़र्स में से 70 प्रतिशत स्थानीय भाषाओं में लेनदेन करना पसंद करते हैं. यह अंतर भारत के छोटे व्यवसायों पर सीधा प्रभाव डालता है, क्योंकि जो ग्राहक भुगतान के तौर तरीकों और उसके प्रोसिजन को समझने में दिक्‍कत महसूस करते हैं, उन्हें भुगतान प्रक्रिया पूरी करने में बेहद मुश्किल होती है. इसके चलते वो जो भी प्रोडक्‍ट खरीद रहे होते हैं, उसे बीच छोड़ देते हैं. हिंदी भाषा की सपोर्ट के साथ रेज़रपे भुगतान की पूरी प्रक्रिया को समझना आसान बनाकर एसएमई की व्यवसायिक वृद्धि को मजबूत करेगा, जिससे लेन-देन बीच में ही नहीं छूटेगा.'



दक्षिण भारत की सभी लोकप्रिय भाषाओं सहित 7 अन्य भाषाओं में भी पेज होगा लॉन्‍च

ऑनलाइन लेनदेन में स्थानीय भाषाओं के महत्व के बारे में रेज़रपे के हेड (एसएमई बिज़नेस) वेदनारायण वेदांतम कहते हैं, ''अपने ग्राहक की भाषा बोलना आम शब्द बन गया है, लेकिन रेज़रपे में हमने अपने ग्राहकों के लिए इन शब्दों को सच कर दिखाया और उन्हें स्थानीय भाषा में लेनदेन करने की सुविधा दी है. रेज़रपे के ग्राहक अब भुगतान एवं चेकआउट का अनुभव हिंदी भाषा में पा सकते हैं और जल्द ही वो तमिल एवं तेलुगू सहित दक्षिण भारत की सभी लोकप्रिय भाषाओं सहित 7 अन्य भाषाओं में भी यह अनुभव पा सकेंगे. डिजिटल उपभोक्ताओं एवं डिजिटल एसएमबी की अगली लहर भारत में होगी. आज रेज़रपे की 50 प्रतिशत से ज्यादा एसएमई सेल्स टीम की बातचीत में इंग्लिश का इस्तेमाल नहीं होता. भारत में उद्यमियों के अगले दल के लिए डिजिटल भुगतान को आसान बनाने का यह हमारा विनम्र प्रयास है.'
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