सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के चलते केरल में आई बाढ़? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के चलते केरल में आई बाढ़? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
रिजर्व बैंक के बोर्ड में पार्ट टाइम नॉन ऑफिशियल डायरेक्‍टर के रूप में नियुक्‍त किए गए एस गुरुमूर्ति ने भी बाढ़ का सबरीमाला कनेक्‍शन जोड़ते हुए ट्वीट किया.

सोशल मीडिया पर अलग ही बहस चल रही है जिसमें बाढ़ को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री से जोड़ा जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2018, 7:49 AM IST
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केरल एक सदी की सबसे भयानक बाढ़ का सामना कर रहा है. पूरा राज्‍य पानी में डूबा हुआ है. सड़कें बह चुकी हैं और मकान पानी के अंदर समा गए हैं. शहरों के अंदर नाव चल रही है. आपदा राहत बलों ने मोर्चा संभाला हुआ है और लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जाया जा रहा है. लैंडस्लाइड और बाढ़ से अब तक 324 लोगों की जान जा चुकी है. करीब तीन लाख लोग बेघर बताए जा रहे हैं. केंद्र ने 500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया. इसके अलावा कई राज्‍यों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं.

इसी बीच सोशल मीडिया पर अलग ही बहस चल रही है जिसमें बाढ़ को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री से जोड़ा जा रहा है. इस तरह के ट्वीट करने वालों का कहना है कि महिलाओं की मांग से भगवान अयप्‍पा नाराज हो गए हैं और इसी के चलते बाढ़ आई है. बता दें कि सबरीमाला में मासिक धर्म के समय महिलाओं के प्रवेश का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. पिछले महीने अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था.

इसी महीने रिजर्व बैंक के बोर्ड में पार्ट टाइम नॉन ऑफिशियल डायरेक्‍टर के रूप में नियुक्‍त किए गए एस गुरुमूर्ति ने भी बाढ़ का सबरीमाला कनेक्‍शन जोड़ते हुए ट्वीट किया. उन्‍होंने लिखा, 'सुप्रीम कोर्ट के जज इस बात को देख सकते हैं इस मामले (मंदिर में प्रवेश की मांग) और सबरीमाला में कोई कनेक्‍शन है क्‍या. यदि लाख में से एक बार भी ऐसा हो सकता है तो लोग नहीं चाहेंगे कि केस अयप्‍पन के खिलाफ हो.' हरि प्रभाकरण नाम के एक यूजर ने लिखा, 'कोई कानून भगवान से बड़ा नहीं होता है... यदि आप सभी को अनुमति देंगे तो वह सबको मना कर देगा.'



इस तरह के ट्वीट के विरोध में भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी. मणिकंदन नाम के एक यूजर ने लिखा, 'इस मामले (बाढ़) को किसी धार्मिक मसले से मत जोड़ो. आपसे ऐसी उम्‍मीद नहीं थी. इस समय बिछड़े हुए लोगों को मदद करने की जरूरत है. यदि आप ऐसा कर सकते हैं तो वह करिए.' सुधीर श्रीनाथ नाम के यूजर के अनुसार, 'सर, आपको ऐसी बातें करते हुए शर्म नहीं आ रही क्‍या? लोग मर रहे हैं, बेघर होकर भटक रहे हैं और आप भारतीराजा फिल्‍म के गांववाले की तरह बात कर रहे हैं.'



गुरुमूर्ति ने लोगों को शांत करने का प्रयास करते हुए ट्वीट किया, 'मैंने यह कहा- यदि इस मामले और बारिश में हल्‍का सा भी कनेक्‍शन हो सकता है तो लोग- फिर से कहता हूं लोग- नहीं चाहेंगे कि फैसला अयप्‍पन के खिलाफ जाए. यदि लोगों की मान्‍यता के बारे में है. आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैं अयप्‍पा का भक्‍त नहीं हूं और सबरीमाला भी नहीं जाता.'

उन्‍होंने आगे लिखा, 'भारतीय बुद्धिजीवियों के दोगलेपन को देखकर हैरान हूं जो लोगों की आस्‍था को खारिज कर देते हैं. 99 फीसदी भारतीय भगवान में विश्‍वास करते हैं. उदारवादी, धर्मनिरपेक्ष, बुद्धिजीवी को मिलाकर 100 फीसदी लोग ज्‍योतिष को मानते हैं. नास्तिक करुणानिधि के समर्थकों ने भी उनके लिए प्रार्थना की थी. मैं उन लोगों में से हूं जो ज्‍योतिष के बजाय भगवान को मानते हैं.'
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