आतंकवाद के आरोपी ज़ाकिर नाइक ने भारत लौटने की बात कही, लेकिन साथ में रखी शर्त

भारत से मलेशिया जा चुके इस्लाम के उपदेशक ज़ाकिर नाइक ने एक इंटरव्यू देकर अपने सशर्त भारत लौटने की बात कही. भाजपा सरकार और भारत की न्याय प्रणाली को लेकर ज़ाकिर नाइक ने क्या कहा?

News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 11:08 PM IST
आतंकवाद के आरोपी ज़ाकिर नाइक ने भारत लौटने की बात कही, लेकिन साथ में रखी शर्त
डॉ. ज़ाकिर नाइक.
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Updated: May 9, 2019, 11:08 PM IST
इस्लामी उपदेशक ज़ाकिर नाइक ने कहा है कि वह सशर्त भारत लौटने को तैयार हैं. नाइक ने शर्त रखी है कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट दोष सिद्ध होने तक उसे गिरफ्तार ​नहीं किए जाने का आश्वासन दे.  2016 में भारत से मलेशिया जाकर रहने लगे नाइक को मलेशियाई सरकार ने वहां के स्थायी नागरिक का दर्जा दे दिया है.

पढ़ें : ईडी का दावा, जाकिर नाईक ने बिना कमाई के अकाउंट में ट्रांसफर किए 49 करोड़ रुपये



समाचार पत्रिका 'द वीक' को दिए इंटरव्यू में नाइक ने कहा कि उसे भारत की न्याय प्रणाली पर भरोसा तो है, लेकिन यह प्रणाली आज की तुलना में पहले बेहतर थी. भाजपा के सरकार में आने से पहले भारत में सरकार के खिलाफ बोला जा सकता था. कम से कम 80 प्रतिशत ऐसी उम्मीद भी थी कि आपको न्याय मिलेगा, लेकिन अब ये स्थिति 10 से 20 फीसदी रह गई है.

नाइक ने कहा, अगर आप इतिहास देखें, तो पाएंगे कि जिन मुस्लिमों पर आतंकवाद के इल्ज़ाम लगाए गए, उनमें 90 फीसदी को 10 से 15 साल बाद आज़ाद कर दिया गया. अगर मैं एक औसत लेकर चलूं, तो मुझे करीब 10 साल सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा. इससे मेरे मिशन पर फर्क पड़ेगा. मैं क्यों बेवकूफ बनूं?

ज़ाकिर ने कहा कि अगर एनआईए चाहे तो वह मलेशिया में पूछताछ के लिए तैयार है. क्या न्याय का वादा मिलने पर नाइक भारत लौट सकता है? इस सवाल पर नाइक ने जवाब दिया, 'अगर भारत का सुप्रीम कोर्ट ये निश्चित करे कि डॉ. ज़ाकिर नाइक को दोष सिद्ध होने तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तो मैं लौट सकता हूं'.

इसलिए लगे थे नाइक पर आरोप
बता दें कि नाइक के खिलाफ एनआईए ने तब केस दर्ज किया था, जब बांग्लादेश के ढाका में गुलशन होली आर्टिसन बेकरी में आतंकवादी हमले में उसका नाम उछला था. इस हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी. 1 जुलाई 2016 को हुए इस हमले में 20 लोग मारे गए थे, जिनमें ज़्यादातर विदेशी थे.
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एनआईए ने इस हमले के बाद नाइक और उसके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ आंतकवाद रोधी कानूनों के अंतर्गत केस दर्ज किया था. साथ ही धर्म व नस्ल के आधार पर नफरत फैलाने का आरोप भी लगाया था. नाइक का कहना है कि उसने कभी किसी को आतंकवाद के लिए नहीं उकसाया.

नाइक ने आतंकवाद के आरोपों को ऐसे नकारा
ढाका और श्रीलंका में आतंकी हमलों और हाल में केरल के एक नौजवान द्वारा नाइक के नाम पर आतंकी हमले की साज़िश करने के खुलासे के सवाल पर उसने कहा, 'क्या उन्होंने ये कहा कि मैंने उन्हें धमाका करने को कहा था? जवाब है, नहीं. मैं चुनौती देकर कहता हूं कि कोई ये कहे कि मैंने उसे किसी निर्दोष की हत्या के लिए उकसाया हो. अगर कोई ऐसा कहता भी है तो वो झूठ बोलता है'.

नाइक पर लगे थे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी 

ईडी ने नाइ​क के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगाए थे, इस पर नाइक का कहना है कि उसके पास केवल एक बैंक अकाउंट है. नाइक ने कहा,  'मेरी कई कंपनियां हैं. असल में मैं एक कारोबारी हूं. क्या भारत में ऐसा कोई प्रतिबंध है कि कोई व्यक्ति कई कंपनियों का मालिक नहीं हो सकता? कई बार होता है कि कोई 50 कंपनियां चलाए, लेकिन किसी में कोई ट्रांज़ैक्शन न हो.'

7 साल में अपने खाते में भेजे 49 करोड़ रुपए

नाइक ने कहा कि उस पर ये आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि उसने अपने निजी खाते में पैसे भेजे. नाइक के मुताबिक, पिछले सात साल में मैंने अपने खाते में 49 करोड़ रुपए भेजे. मेरी आय एक करोड़ रुपए प्रति माह से ज़्यादा है. रियल एस्टेट के अलावा कई जगह मेरा कारोबार है. अपराध तब है अगर मैं अपने पैसे को आतंकवाद या ड्रग्स के कारोबार में इस्तेमाल करूं. वो कहते हैं कि हार्मनी मीडिया आतंकवाद की फैक्ट्री है. अगर सच में ये आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली कंपनी होती तो क्या अमेरिका में मेरा चैनल कई साल तक चलने की इजाज़त होती?'

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