Coronavirus News Update: कोरोना से रिकॉर्ड 1340 मौतें, ब्‍लैक फ्राइडे ने 57% आबादी को घरों में किया कैद

बीते चार हफ्तों में कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा हुआ है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

बीते चार हफ्तों में कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा हुआ है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

कोरोना (Corona) संक्रमित मरीजों की संख्‍या ने शुक्रवार को एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिया. देश में एक दिन में 2,33,869 नए मामले सामने आए, जबकि 1340 लोगों की मौत हो गई. इससे पहले भारत ने एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें 15 सितंबर को दर्ज की थीं, जब 1,284 लोगों की मौत हुई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 8:50 AM IST
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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना (Corona) का कोहराम लगातार बढ़ता जा रहा है. हर दिन कोरोनावायरस (Coronavirus) के नए मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. इस बीच शुक्रवार को एक ही दिन में 1340 मौतों ने देश में कोरोना की भयावह स्थिति दुनिया (World) के सामने ला दी है. रिकॉर्ड मौतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्‍मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्‍कार के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है और अस्‍पतालों के बाहर मरीजों की लंबी कतार देखी जा रही है. एक ओर जहां मौत के आंकड़ों ने देश को बेचैन कर दिया है तो वहीं कोरोना से संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्‍या ने एक बार फिर देश की आधी से ज्‍यादा आबादी को घरों में कैद कर दिया है.

शुक्रवार को कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्‍या ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिया. देश में एक दिन में 2,33,869 नए मामले सामने आए. कोरोना के बढ़ते मामलों ने देश के अधिकांश हिस्‍सों को किसी न किसी रूप में पीछे हटने को मजबूर कर दिया है. देश में 15 राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने रात के समय कर्फ्यू या वीकेंड कर्फ्यू लगाने को मजबूर कर दिया है. हालात ये हैं कि अलग अलग प्रतिबंध के कारण देश की आधी से अधिक आबादी (57%) अपने घरों में कैद हो गई है.



शुक्रवार से पहले, आखिरी बार भारत ने एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें 15 सितंबर को दर्ज की थीं, जब 1,284 लोग को कोरोना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी थी. एक विश्‍लेषण के अनुसार अगले दो दिनों में देशभर के 700 मिलियन से अधिक लोग सीमित समय की अवधि के लिए कर्फ्यू का सामना करेंगे. दरअसल भारत की कोविद -19 की दूसरी लहर के बाद से देश में जिस तरह के हालात बन रहे हैं उसे देखने के बाद इस तरह के प्रतिबंध की आवश्‍यकता भी महसूस की जा रही है.
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पिछले साल 16 सितंबर को 93,617 कोरोना केस ही सामने आए थे

बता दें कि 16 अप्रैल तक हर दिन कोरोना के 188,400 नए मामले दर्ज किए हैं. कोरोना की पहली लहर के दौरान भी पीक के समय इतने मामले सामने नहीं आए थे. 16 सितंबर 2020 को जब कोरोना पीक पर था उस वक्‍त भारत में 93,617 कोरोना केस ही सामने आए थे. इस लिहाज से देखें तो पिछले साल की तुलना में इस साल देश में कोरोना का संक्रमण दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.



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कहीं नाइट कर्फ्यू तो कहीं लगाया जा चुका है लॉकडाउन

छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, और मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है. महाराष्ट्र में 15 दिनों के लिए सभी जिलों में लॉकडाउन लगाया गया है. छत्तीसगढ़ में 20 जिलों और मध्य प्रदेश में 15 जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की जा चुकी है. दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और ओडिशा में 10 जिलों के शहरी क्षेत्रों में वीकेंड कर्फ्यू लगाया गया है. उत्तर प्रदेश ने रविवार को राज्यव्यापी कर्फ्यू लगा दिया है. छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और चंडीगढ़ के साथ देश भर के सैकड़ों जिलों में अलग अलत तरीके से लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है. तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, जम्मू और कश्मीर और ओडिशा में रात के समय कर्फ्यू की घोषणा की गई है.



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कोरोना चेन को तोड़ने के लिए वीकेंड कर्फ्यू जरूरी

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के पूर्व प्रमुख डॉ. ललित कांत के मुताबिक वीकेंड के दौरान लगने वाला कर्फ्यू कम से कम 48 घंटे का होगा. ऐसे में अगर कोरोना चेन को तोड़ने में मदद मिलती है तो संक्रमण की रफ्तार कम हो जाएगी. कोरोना एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैलता है. ऐसे में अगर इस चेन को तोड़ने में मदद मिलती है तो ट्रांसमिशन नीचे चला जाएगा और कुल केस पर इसका मामूली असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि प्रतिबंध लागू होने के सात से दस दिन बाद ही मामलों की संख्या पर कोई प्रभाव दिखाई देगा.
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