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2022 गणतंत्र दिवस परेड के लिए तैयार हो पाएगा सेंट्रल विस्टा एवेन्यू? मंत्री ने दिया जवाब

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत संसद का नया भवन. इसके अलावा कई सरकारी बिल्डिंग राजपथ और इंडिया गेट के आस-पास बन रहे हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत संसद का नया भवन. इसके अलावा कई सरकारी बिल्डिंग राजपथ और इंडिया गेट के आस-पास बन रहे हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

केंद्रीय मंत्री (Union Minister) हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri ) ने कहा कि राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट (Delhi India Gate) तक फैले सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास का कार्य ढाई महीने में पूरा कर लिया जाएगा.

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    नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री (Union Minister) हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट (Delhi India Gate) तक फैले सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास का कार्य ढाई महीने में पूरा कर लिया जाएगा. आवासन एवं शहरी विकास मंत्री के अनुसार, यह परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी और 2022 में गणतंत्र दिवस परेड की मेजबानी के लिए तैयार रहेगी. उन्होंने दावा किया कि अगले साल संसद का शीतकालीन सत्र संसद भवन की नई इमारत में होगा. रिकॉर्ड समय में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए दिन-रात युद्ध स्‍तर पर कार्य किया जा रहा है.

    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी राजधानी दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग और अफ्रीका एवेन्यू स्थित रक्षा कार्यालय परिसरों के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे. इन परिसरों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. नए रक्षा कार्यालय परिसरों में सेना, नौसेना और वायु सेना सहित रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के लगभग 7,000 अधिकारियों के लिए कार्य करने की जगह उपलब्ध होगी. पुरी ने कहा, ‘‘मैं आपको (प्रधानमंत्री) आश्वासन देना चाहूंगा कि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास का काम ढाई महीने में पूरा कर लिया जाएगा जहां (अगले साल) गणतंत्र दिवस परेड होगी.’’

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    नए रक्षा कार्यालय परिसरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनका काम केवल 12 महीने में पूरा कर लिया गया. उन्होंने कहा कि दोनों रक्षा कार्यालय परिसरों के निर्माण में नई और टिकाऊ निर्माण तकनीक एलजीएसएफ (लाइट गेज स्टील फ्रेम) का उपयोग किया गया. ये सभी अति आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और इस प्रकार की इमारतें बहुत मजबूत होती हैं.

    उन्होंने कहा, ‘‘एलजीएसएफ प्रौद्योगिकी के तहत ऐसी इमारतों के निर्माण के लिए कम से कम 24 महीने का समय निर्धारित है लेकिन इसे 12 महीने में पूरा कर लिया गया.’’ पुरी ने बताया कि 8,782 मीट्रिक टन इस्पात और 7,920 मीट्रिक टन सीमेंट का निर्माण कार्य में इस्तेमाल हुआ है. रक्षा कार्यालय परिसर का निर्माण सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है. इस परियोजना के तहत एक नए संसद भवन और नए केंद्रीय सचिवालय के निर्माण के साथ साथ राजपथ के पूरे इलाके का पुन:विकास किया जाना है.

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