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J&K के उपराज्यपाल बोले-परिसीमन के बाद होंगे चुनाव, खफा चुनाव आयोग ने कहा, ये हम तय करेंगे

J&K के उपराज्यपाल बोले-परिसीमन के बाद होंगे चुनाव, खफा चुनाव आयोग ने कहा, ये हम तय करेंगे

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गाइडलाइन तैयार करेगा 
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गाइडलाइन तैयार करेगा चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

आयोग (Election Commission) ने कहा है कि उपराज्यपाल (Jammu and Kashmir Lt Governor) को चुनाव आयोग के काम दखल नहीं देना चाहिए. गौरतलब है कि हाल ही में गिरिश चंद्र मुर्मू (GC Murmu) संभावना जाहिर की थी कि राज्य में चल रही डिलिमिटेशन प्रक्रिया के बाद चुनाव कराए जा सकते हैं.

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    नई दिल्ली. चुनाव आयोग (Election Commission) ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (Jammu and Kashmir Lt Governor) गिरीश चंद्र मुर्मू (GC Murmu) के बयान को लेकर आपत्ति जाहिर की है. आयोग ने कहा है कि उपराज्यपाल को चुनाव आयोग के काम दखल नहीं देना चाहिए. गौरतलब है कि हाल ही में गिरिश चंद्र मुर्मू ने संभावना जाहिर की थी कि राज्य में चल रही डिलिमिटेशन प्रक्रिया के बाद चुनाव कराए जा सकते हैं.

    अब चुनाव आयोग की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अन्य प्राधिकारियों को चुनाव को लेकर बयान देने से बचना चाहिए. इस तरह के बयान चुनाव आयोग को मिले वैधानिक अधिकारों में दखल हैं. चुनाव कराने के लिए कई चीजों का खयाल रखना पड़ता है जिनमें टोपोग्राफी, मौसम की स्थितियों के अलावा स्थानीय त्योहार भी शामिल हैं.

    कौन हैं मुर्मू
    मुर्मू गुजरात कैडर के 1985 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. 21 नवंबर 1959 को जन्में मुर्मू मूल रूप से ओडिशा के हैं. उन्होंने राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है. उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की बर्मिंघमन यूनीवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली है. मुर्मू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनके प्रमुख सचिव रहे थे.

    हाल में डोमिसाइल कानून पर दिया था जवाब
    जम्मू-कश्मीर में बाहरी लोगों को बसाए जाने की आशंका पर राज्य के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने हाल में प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने सवाल किया था कि क्या मुंबई में औद्योगिक इकाइयां लगाने वाले गुजरातियों में से किसी गुजराती ने 'समस्या' पैदा की? लोगों से तथ्यों को कल्पना के साथ नहीं जोड़ने और समृद्ध एवं विकसित जम्मू-कश्मीर सुनिश्चित करने के उनके प्रशासन के 'इरादे' पर ध्यान देने का अनुरोध करते हुए मुर्मू ने कहा था कि तत्कालीन राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने से राज्य में उद्योग और निवेश आकर्षित होगा, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

    Tags: Article 35A, Article 370, Election commission, Jammu kashmir

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