होम /न्यूज /राष्ट्र /

पीएम मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्षी एकता में दिखी फूट

पीएम मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्षी एकता में दिखी फूट

मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव 126 के मुकाबले 325 वोटों से गिर गया

मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव 126 के मुकाबले 325 वोटों से गिर गया

नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के लाए पहले अविश्वास प्रस्ताव में जहां एआईडीएमके, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस ने वोटिंग से दूर रहना बेहतर समझा, तो वहीं शिवसेना को भी विपक्षी खेमा अपने पाले में करने में नाकाम रहा.

    नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के लाए पहले अविश्वास प्रस्ताव में संख्याबल के आधार पर विपक्षी मोर्चे की हार हुई. लोकसभा में मोदी सरकार के पक्ष में जहां 325 वोट, तो वहीं उसके खिलाफ महज़ 126 वोट गए. इस दौरान बीजेडी और शिवसेना के सांसदों ने वॉकआउट करके एक तरह से मोदी सरकार की ही मदद की, वहीं विपक्षी एकता में फूट भी नजर आई. एआईडीएमके, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस ने वोटिंग से दूर रहना बेहतर समझा, तो वहीं शिवसेना को भी विपक्षी खेमा अपने पाले में करने में नाकाम रहा.

    इस दौरान कांग्रेस की एक बड़ी रणनीति में भी विपक्षी दल उसके साथ खड़े नहीं दिखे. दरअसल कांग्रेस चाहती थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान सभी विपक्षी पार्टियां बायकॉट करें. इसके लिए पीएम मोदी के भाषण के दौरान कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से पहल भी की गई, जिसमें उन्होंने टीडीपी, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और वाम दलों के साथ वर्कआउट करने की कोशिश की.

    ये भी पढ़ें- पीएम मोदी के ‘इमोशनल’ कार्ड से चित हुई कांग्रेस!

    सिंधिया ने पीएम मोदी के भाषण के दौरान टीडीपी सांसदों को बायकॉट करने के लिए मनाने की कोशिश की. टीडीपी के सांसद जयदेव गाला पीएम मोदी के भाषण के दौरान सदन से फोन लेकर बाहर निकले और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू से बात की. हालांकि वहां से उन्हें हरी झंडी नहीं मिली और उन्होंने बायकॉट नहीं किया.

    इसके अलावा टीएमसी और लेफ्ट पार्टियों ने भी कांग्रेस की इस रणनीति में उनका साथ नहीं दिया. टीएमसी को समझाने या कहे मनाने के लिए सोनिया गांधी टीएमसी नेता सुदीप बंदोपाध्याय के पास गई, लेकिन टीएमसी ने बायकॉट ना करने का फैसला सोनिया के पहल के बावजूद नहीं बदला. इस तरह अविश्वास प्रस्ताव के दौरान संख्याबल में हार के साथ-साथ विपक्षी एकता भी कमजोर पड़ती दिखी.

    Tags: BJP, Congress, Narendra modi

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर