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दुर्लभ बाघ शावक को मां ने अस्वीकारा, अब इंसान कर रहे पालन-पोषण

निकारागुआ चिड़ियाघर ने कहा कि नीव देश में पैदा होने वाला पहला सफेद बाघ है (Photo Credit- Twitter/ AFP)
निकारागुआ चिड़ियाघर ने कहा कि नीव देश में पैदा होने वाला पहला सफेद बाघ है (Photo Credit- Twitter/ AFP)

Cubs Raising by Humans: नीव को उसकी मां से दूर ले जाया गया, जिसने उसे अस्वीकार कर दिया है, और उसे सकास्का की पत्नी, मरीना आरग्युएलो बोतल के जरिए भोजन दे रही हैं. मरीना कुछ 700 जानवरों के चिड़ियाघर और एक बचाव केंद्र का प्रबंधन करने में मदद करती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2021, 5:43 AM IST
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निकारागुआ. निकारागुआ चिड़ियाघर (Nicaragua Zoo) में पैदा हुई नीव नाम की एक दुर्लभ सफेद बाघिन का पालन पोषण मनुष्य कर रहे हैं क्योंकि इसकी मां ने इसे अस्वीकार कर दिया है, चिड़ियाघर के निदेशक एडुआर्डो सिकासा ने ने एएफपी को बताया कि एक हफ्ते पहले ही नीव (नीव, स्पेनिश भाषा में बर्फ को कहते हैं) दुनिया में आई है. जन्म के समय उसका वजन एक किलोग्राम था. संरक्षण समूह डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने सफेद बाघों को "एक आनुवंशिक विसंगति" के रूप में वर्णित किया है. कई दर्जन सफेद बाघ कैद में रखे गए हैं.

व्हाइट टाइगर बंगाल के बाघ हैं जिनके माता-पिता मिनेसोटा में द वाइल्डकैट सैंक्चुअरी के अनुसार एक रिसेसिव जीन रखते हैं. वे एल्बिनो या एक अलग प्रजाति नहीं हैं. अभयारण्य की वेबसाइट में कहा गया है कि कुछ पार्क और चिड़ियाघर सफेद बाघ का आंतरिक प्रजनन करते हैं, क्योंकि सफेद शावक अधिक आगंतुकों को आकर्षित करते हैं, हालांकि यह अक्सर खराबी और अन्य आनुवंशिक समस्याओं की कीमत पर होता है.


निकारागुआ चिड़ियाघर ने कहा कि नीव देश में पैदा होने वाला पहला सफेद बाघ है, जिसके माता-पिता पीले और काले रंग की धारियों वाले बंगाल टाइगर हैं.



सर्कस द्वारा छोड़े जाने के बाद बचाई गई नीव की मां को अपने दादा से दुर्लभ जीन विरासत में मिला था, जो सफेद था.

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नीव को उसकी मां से दूर ले जाया गया, जिसने उसे अस्वीकार कर दिया है, और उसे सकास्का की पत्नी, मरीना आरग्युएलो बोतल के जरिए भोजन दे रही हैं. मरीना कुछ 700 जानवरों के चिड़ियाघर और एक बचाव केंद्र का प्रबंधन करने में मदद करती हैं.

जब शावक दूध पी रही होती है तो मरीना धीरे से उसके कान में कुछ कहती हैं, और उसे पीछे की ओर हल्के से थपथपाती हैं. उनका कहना है कि "नीव की भूख कम नहीं हुई है; हर तीन घंटे में उसे बोतल दी जाती है. यदि नहीं मिलती है, तो वह चिल्लाती है, अगर दूध बहुत ठंडा हो जाता है तो भी वह तेजी से चिल्लाती है."
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