लाइव टीवी

जलवायु परिवर्तन से भारत में सालाना 15 लाख मौत की आशंका, शीर्ष पर होंगे ये 6 राज्‍य

भाषा
Updated: October 31, 2019, 8:25 PM IST
जलवायु परिवर्तन से भारत में सालाना 15 लाख मौत की आशंका, शीर्ष पर होंगे ये 6 राज्‍य
भारत पर मंडरा रहा है जलवायु परिवर्तन का अधिक खतरा.

रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है कि जलवायु परिवर्तन (Climate change) के कारण कुछ दशक बाद 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले बेहद गर्म दिनों की औसत संख्या आठ गुना बढ़कर 42.8 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी.

  • Share this:
नई दिल्ली. अगर ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन (Green house gas emission) इसी दर से बढ़ता रहा तो 2010 तक देश का औसत तापमान (Average temperature) चार डिग्री तक बढ़ सकता है. इसके कारण देश में सालाना 15 लाख से अधिक लोगों के जीवन को खतरा पैदा होने की आशंका है. एक अध्ययन में यह दावा किया गया है.

क्लाइमेट इंपैक्ट लैब और यूशिकागो के टाटा सेंटर फॉर डेवलपमेंट ने जीवन तथा अर्थव्यवस्था पर जलवायु परिवर्तन के असर का अध्ययन किया. अध्ययन के परिणाम गुरुवार को नई दिल्ली में यूशिकागो (यूनिवर्सिटी आफ शिकागो) सेंटर में जारी किए गए.

कुछ दशक बाद बिगड़ जाएंगे हालात
अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण कुछ दशक बाद 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले बेहद गर्म दिनों की औसत संख्या आठ गुना बढ़कर 42.8 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी. 2010 में ऐसे बेहद गर्म दिनों की संख्या 5.10 प्रतिशत थी.

इन 6 राज्‍यों में सर्वाधिक मौतें
देश के सबसे गर्म राज्य पंजाब का औसत तापमान 2010 के करीब 32 डिग्री से बढ़कर 2100 तक 36 डिग्री पर पहुंच गया. तब देश के 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का औसत तापमान 32 डिग्री से अधिक होगा. अध्ययन के अनुसार, बढ़ते औसत तापमान और बेहद गर्म दिनों की बढ़ती संख्या का असर मृत्यु दर पर पड़ता है. इसके कारण कुछ दशक बाद देश में सालाना 15 लाख से अधिक लोगों की मौत हो सकती है.अनुमान है कि इनमें 64 प्रतिशत मौतें छह राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, आन्ध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र में होंगी.

मंत्री ने जारी किए परिणाम
Loading...

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने अध्ययन के परिणाम जारी करते हुए कहा, 'जलवायु परिवर्तन हम पर निर्भर करता है. इसका असर हम मानसून में बदलाव, सूखा, गर्म लहरों के रूप में देख रहे हैं. जलवायु परिवर्तन के कारण हम कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसमें पानी का संकट एक बड़ी समस्या है. इन नई चुनौतियों को देखते हुए सरकार बहु-आयामी दृष्टिकोण अपना रही है.'

उन्‍होंने कहा, 'हम पारम्परिक जल निकायों के संरक्षण का आह्वान कर रहे हैं. ऐसी फसलों को प्रोत्साहन दे रहे हैं, जिनमें पानी की कम मात्रा का उपयोग होता है. साथ ही हम भूमिगत जल प्रबंधन को बढ़ावा दे रहे हैं- इन सब प्रयासों से भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से सुरक्षित बनाया जा सकता है.'

यह भी पढ़ें: आपके ऑनलाइन वीडियो देखने से जलवायु को हो रहा है बड़ा नुकसान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 31, 2019, 8:24 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...