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गणतंत्र दिवस परेड में क्यों शामिल नहीं की गई पश्चिम बंगाल की झांकी? राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी को दिया जवाब

गणतंत्र दिवस परेड में क्यों शामिल नहीं की गई पश्चिम बंगाल की झांकी? राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी को दिया जवाब

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने पत्र में संकेत दिया कि क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी में पहले से ही बोस को दिखाया गया है .(फाइल फोटो)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने पत्र में संकेत दिया कि क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी में पहले से ही बोस को दिखाया गया है .(फाइल फोटो)

Republic Day Tableau Controversy: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी को नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) द्वारा दिए जाने वाले महत्व की भी उन्हें (ममता को) याद दिलाई. उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने 1943 में निर्वासन में बनी नेताजी की सरकार की 75वीं वर्षगांठ 2018 में बड़ी धूमधाम से मनाई थी. यह हमारी सरकार थी जिसने गणतंत्र दिवस परेड में आजाद हिंद फौज के जीवित सैनिकों को शामिल किया और उनका अभिनंदन किया.”

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कोलकाता. गणतंत्र दिवस परेड (Republic Day Parade) के लिए पश्चिम बंगाल की झांकी (West Bengal Tableau) को अस्वीकार किए जाने को लेकर बढ़ते विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर सूचित किया कि इस अवसर के लिए केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की झांकी नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) को उनकी 125 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने से संबंधित है.

सिंह ने अपने पत्र में संकेत दिया कि क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी में पहले से ही बोस को दिखाया गया है इसलिए पश्चिम बंगाल की झांकी को परेड के लिए शामिल नहीं किया गया. उन्होंने प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी को नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) द्वारा दिए जाने वाले महत्व की भी उन्हें (ममता को) याद दिलाई. उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने 1943 में निर्वासन में बनी नेताजी की सरकार की 75वीं वर्षगांठ 2018 में बड़ी धूमधाम से मनाई थी. यह हमारी सरकार थी जिसने गणतंत्र दिवस परेड में आजाद हिंद फौज के जीवित सैनिकों को शामिल किया और उनका अभिनंदन किया.”

ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा था पत्र
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में, बनर्जी ने बोस और उनकी आजाद हिंद फौज पर आधारित राज्य की झांकी को अस्वीकार करने पर “आश्चर्य” व्यक्त किया था. झांकी में रवींद्रनाथ टैगोर, ईश्वरचंद्र विद्यासागर, स्वामी विवेकानंद और श्री अरबिंदो जैसे अन्य बंगाली प्रतीक भी शामिल थे.

बनर्जी ने प्रधानमंत्री से फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा नहीं करने से पश्चिम बंगाल के लोगों को “दुख” होगा. उन्होंने कहा था कि झांकी को खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया.

नेताजी की बेटी ने साधा ममता सरकार पर निशान
बोस की बेटी अनीता बोस-फाफ ने सोमवार को कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी की विरासत का राजनीतिक वजहों के लिए अक्सर ‘आंशिक रूप से दोहन’ किया गया है. उन्होंने कहा कि कोलकाता में 2021 में नेताजी के 125वीं जयंती वर्ष समारोह की शुरुआत कहीं न कहीं पश्चिम बंगाल के चुनावों से जुड़ी हुयी थी.

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “…पिछले साल, जयंती वर्ष का उद्घाटन कोलकाता में सभी जगहों पर बड़े पैमाने पर किया गया, (इसका) बंगाल में चुनाव और चुनावी संभावनाओं से कुछ लेना-देना था. तथ्य यह है कि इस साल कुछ भी नहीं हुआ …. निश्चित रूप से यह मुद्दा उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल था.”

बनर्जी को अपने पत्र में सिंह ने कहा, “यहां, मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि इस बार सीपीडब्ल्यूडी की झांकी भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी 125 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करती है. ये सभी तथ्य इस बात का प्रमाण हैं कि महान नेता की जयंती पर उन्हें कितना महत्व दिया जा रहा है.”

रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके पत्र ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की “सभी शंकाओं” को दूर कर दिया.

Tags: Mamata banerjee, Rajnath Singh, Republic day

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