बिना जानवरों को काटे तैयार हो जाएगा मीट, जानें कैसे?

भाषा
Updated: August 25, 2019, 10:50 PM IST
बिना जानवरों को काटे तैयार हो जाएगा मीट, जानें कैसे?
तैयार मांस उत्पाद का स्वाद कच्चे मांस जैसा ही रहेगा लेकिन इसमें उपभोक्ता की जरूरतों के मुताबिक पोषक तत्व होंगे.

तैयार मांस उत्पाद का स्वाद कच्चे मांस जैसा ही रहेगा लेकिन इसमें उपभोक्ता की जरूरतों के मुताबिक पोषक तत्व होंगे.

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी (IIT Guwahati) में रिसर्चर्स ने प्रयोगशाला में मांस तैयार किया है जो कि पोषक होने के साथ ही क्रूरता मुक्त भोजन की दिशा में एक कदम होगा.

आईआईटी गुवाहाटी के डॉ. बिमान बी. मंडल ने कहा कि प्रयोगशाला में विकसित मांस क्रूरता मुक्त भोजन की दिशा में एक नयी संभावना खोलेगा, साथ ही पर्यावरण (Environment) एवं पशुओं को भी बचाएगा.
उन्होंने बताया कि बायोमैटेरियल्स एंड टिश्यू इंजीनियरिंग लैबोरेटरी (Bio materials & Tissue Engineering Laboratory) में अनुसंधानकर्ताओं ने मांस के उत्पादन के लिए एक नवीन तकनीक विकसित की है और उत्पादन के लिए पेटेंट कराया है जो कि पूरी तरह से प्राकृतिक है.

मंडल ने कहा, ‘‘तैयार मांस उत्पाद का स्वाद कच्चे मांस जैसा ही रहेगा लेकिन इसमें उपभोक्ता की जरूरतों के मुताबिक पोषक तत्व होंगे. इसे तैयार करने के दौरान बाहरी रसायन जैसे हार्मोन, पशु सेरम, एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल वर्जित किया गया है, इसलिए यह मानकों के हिसाब से सुरक्षित है.’’

2050 तक पूरी नहीं हो पाएंगी मांस की ज़रूरत
उन्होंने कहा कि जनसंख्या (Population) में तेज वृद्धि के चलते मांस उद्योग खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी दवाब का सामना कर रहा है. मंडल ने संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 2050 तक वर्तमान मांस उद्योग वैश्चिक जरूरतों को पूरा नहीं कर पाएगा.
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1 किलो मटन के लिए लगेगा 8,000 लीटर पानी
उन्होंने कहा कि एक किलोग्राम चिकन मीट का उत्पादन करने के लिए लगभग 4,000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है और एक किलोग्राम मटन का उत्पादन करने के लिए 8,000 लीटर से अधिक पानी की आवश्यकता होती है.

मंडल ने कहा कि दुनिया में परिवहन से कुल मिलाकर जितनी ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है उससे अधिक बेकार पानी और अधिक ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन पशुपालन उद्योग से होता है. इसके अलावा, मांस के लिए हर साल अरबों जानवरों को मार दिया जाता है.





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First published: August 25, 2019, 8:45 PM IST
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