भागवत के बयान पर बोले आठवले- आरक्षण से छेड़छाड़ की कोई ज़रूरत नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) (Rashtriya Swayamsevak Sangh) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने प्रतिक्रिया दी है.

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Updated: August 19, 2019, 6:41 PM IST
भागवत के बयान पर बोले आठवले- आरक्षण से छेड़छाड़ की कोई ज़रूरत नहीं
आठवले का कहना है कि आरक्षण पर इस तरह की किसी भी बातचीत की आवश्यकता नहीं है. (File Photo)
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Updated: August 19, 2019, 6:41 PM IST
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) (Rashtriya Swayamsevak Sangh) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने प्रतिक्रिया दी है. आठवले का कहना है कि इस तरह की किसी भी बातचीत की आवश्यकता नहीं है.

आठवले ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि आरक्षण (Reservation) पर किसी भी तरह की बहस की आवश्यकता है. अगर ये बहस होती भी है तब भी लोग कहेंगे की एससी/एसटी (SC/ST) को आरक्षण मिलना चाहिए. आठवले ने सोमवार को सीएनएन-न्यूज 18 से बातचीत में कहा, जो कुछ भी हो इन वर्गों के लिए आरक्षण से कोई भी छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. अब तो बाकी समुदायों को भी आरक्षण देने की शुरुआत हो गई है.

इस बात पर चर्चा का कोई मतलब नहीं
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (Republican Party of India) के प्रमुख और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने कहा कि ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि कितने समुदायों के आरक्षण पर असर पड़ा है. इस बारे में चर्चा हो सकती है कि आरक्षण का लाभ किस-किसको पहुंचा है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस बात पर चर्चा करने का कोई मतलब है कि आरक्षण होना चाहिए या नहीं.

भागवत ने दिया था ये बयान
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सद्भावपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए.

भागवत ने कहा कि उन्होंने पहले भी आरक्षण पर बात की थी लेकिन इससे काफी हंगामा मचा और पूरी चर्चा वास्तविक मुद्दे से भटक गई. उन्होंने कहा कि आरक्षण का पक्ष लेने वालों को उन लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए जो इसके खिलाफ हैं और इसी तरह से इसका विरोध करने वालों को इसका समर्थन करने वालों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरक्षण पर चर्चा हर बार तीखी हो जाती है जबकि इस दृष्टिकोण पर समाज के विभिन्न वर्गों में सामंजस्य जरूरी है.
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First published: August 19, 2019, 6:41 PM IST
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