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केरल के बाद अब पंजाब विधानसभा में CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास

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Updated: January 17, 2020, 6:37 PM IST
केरल के बाद अब पंजाब विधानसभा में CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास
कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने केंद्र सरकार से इस कानून में बदलाव की मांग की है. फाइल फोटो

केरल के बाद अब नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly) में भी प्रस्ताव पारित हो गया है.तीन घंटे की चर्चा के बाद इसे पास कर दिया गया. कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी इसका समर्थन किया. बीजेपी सदस्यों ने इसका विरोध किया. अकाली दल ने भी सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 6:37 PM IST
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चंडीगढ़. केरल के बाद अब नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly) में भी प्रस्ताव पारित हो गया है. शुक्रवार को इस कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया. इससे पहले गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder singh) ने प्रस्ताव लाने की संभावना जताई थी. कैप्टन पहले से ही इस कानून का विरोध कर रहे हैं.  हालांकि अकाली दल और बीजेपी ने CAA के विरुद्ध लाए गए कांग्रेस के प्रस्ताव का विरोध किया.

अकाली दल और बीजेपी के विधायकों ने सिटिजन अमेंडमेंट एक्ट (CAA) के खिलाफ लाए गए कांग्रेस सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया. अकाली दल ने कहा कि वो भी चाहते हैं कि मुस्लिमों को सीएए में नागरिकता देने का प्रावधान होना चाहिए लेकिन अगर पंजाब सरकार प्रस्ताव पास करेगी तो ऐसे में सिख शरणार्थी जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हैं उन्हें नागरिकता हासिल करने में दिक्कत आ सकती है. इसीलिए सिर्फ ये प्रस्ताव पास किया जाना चाहिए कि मुस्लिम समुदाय को भी CAA में शामिल करने का प्रावधान होना चाहिए. पूरे कानून का विरोध करना गलत है. बीजेपी ने इस पूरे मामले पर अपने केंद्रीय आलाकमान की बात को ही सदन में दोहराया है और CAA के खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव को गलत ठहराते हुए उस पर विरोध दर्ज करवाया.

पंजाब विधानसभा में कांग्रेस व, आम आदमी पार्टी और बैंस ब्रदर्स की लोक इंसाफ पार्टी ने CAA के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव का समर्थन किया. अकाली-बीजेपी के विरोध के बावजूद प्रस्ताव पास. कैप्टन प्रस्ताव को लेकर सदन की सर्वसम्मति बनाने में विफल रहे. संसद में जब इस बिल पर चर्चा और वोटिंग हुई थी, उस समय उसने बिल का समर्थन किया था. हालांकि बाद में सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने इसमें मुस्लिमों को शामिल करने पर जोर दिया था.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने पंजाब सरकार के इस कदम की सराहना की और कहा, मैं इसके लिए पंजाब विधानसभा की सराहना करता हूं. विधानसभा ने सीएए को रोकने के लिए एक सही प्रस्ताव पास किया है.

पंजाब विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने प्रस्ताव पेश किया. तीन घंटे की चर्चा के बाद इसे पास कर दिया गया. कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी इसका समर्थन किया. बीजेपी सदस्यों ने इसका विरोध किया. अकाली दल ने भी सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया.

नीतीश भी कह चुके हैं बहस के लिए
बता दें कि बिहार में एनडीए में शामिल जेडीयू के मुखिया नीतीश कुमार सीएए पर सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि बिहार में वह सीएए एनआरसी को लागू नहीं करेंगे. उन्होंने सीएए पर बहस की जरूरत बताई. हालांकि संसद में वह भी बीजेपी का समर्थन कर चुके हैं.

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First published: January 17, 2020, 4:40 PM IST
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