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बुरहान वानी की बरसी पर कश्मीर में तनाव, अमरनाथ यात्रा रोकी गई, कई जगह इंटरनेट बैन

बुरहान वानी की बरसी पर कश्मीर में तनाव, अमरनाथ यात्रा रोकी गई, कई जगह इंटरनेट बैन

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

कानून - व्यवस्था को बरकरार रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिये ऐहतियाती तौर पर ये कदम उठाए गए हैं.

    हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की दूसरी बरसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इस दौरान अलगाववादियों के बुलाए बंद को देखते हुए अमरनाथ यात्रा रविवार को एक दिन के लिए सस्पेंड कर दी गई है. वहीं कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं भी एहतियातन बैन कर दी गई हैं.

    पुलिस महानिदेशक एस पी वैद्य ने कहा, 'आपको पता है कि जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है और हमारा प्रयास तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है. कल (रविवार को) हड़ताल का आह्वान किया गया है, ऐसे में हमें यात्रा रोकनी पड़ी. हमारा कर्तव्य तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.'

    एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल कस्बे और श्रीनगर के नौहट्टा और मैसुमा पुलिस थाना क्षेत्रों में पाबंदियां लगाई गई हैं. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को बरकरार रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ऐहतियाती तौर पर ये कदम उठाए गए हैं.

    बता दें कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में आठ जुलाई 2016 को हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने त्राल के रहने वाले वानी को मार गिराया था. उसकी मौत के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे और लंबे समय तक कर्फ्यू लगा रहा था. करीब चार महीने तक चले विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में करीब 85 लोगों की जान गई थी.

    अधिकारी ने कहा कि समूची घाटी में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है. इस बीच महिलाओं के कट्टरपंथी संगठन दुख्तरान ए मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दिल्ली भेजे जाने के विरोध में बुलाई अलगाववादियों की हड़ताल का घाटी में मिलाजुला असर रहा.

    ज्वाइंट रेसिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के बैनर तले अलगाववादियों ने शुक्रवार को अंद्राबी और उसकी साथियों को स्थानांतरित किए जाने के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया था. जेआरएल ने लोगों से पूर्ण बंदी रखने और सड़कों पर न निकलने की अपील की थी. जेआरएल में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक शामिल हैं.

    अधिकारियों ने कहा कि शहर के लाल चौक इलाके में जहां दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद थे. वहीं शहर के दूसरे हिस्सों में हालात सामान्य थे. वानी की बरसी से पहले अलगाववादी नेताओं पर प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए शुक्रवार को यासिन मलिक को हिरासत में ले लिया था, जबकि मीरवाइज और गिलानी को नजरबंद रखा गया है. (भाषा इनपुट के साथ)

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    Tags: Burhan wani, Jammu and kashmir

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